
स्थान : लक्सर
ब्यूरो रिपोर्ट

हरिद्वार जिले की खानपुर विधानसभा में महाराजा भागीरथ की प्रतिमा को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का रूप लेता दिखाई दे रहा है। पहले सैनी समाज की पंचायत में विधायक उमेश कुमार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की गई और 2027 के विधानसभा चुनाव में विरोध की चेतावनी दी गई। अब क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी विधायक की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। इससे खानपुर की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

गोवर्धनपुर और राजपुर में आयोजित प्रेसवार्ताओं के दौरान भीम आर्मी के पूर्व प्रदेश प्रभारी दीपक सैठपुर और अन्य वक्ताओं ने क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं का मुद्दा उठाया। वक्ताओं का आरोप है कि क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे जरूरी विषयों पर अपेक्षित ध्यान देने के बजाय धार्मिक और प्रतिमा से जुड़े मुद्दे अधिक चर्चा में हैं। इन बयानों के बाद विधायक उमेश कुमार शर्मा की कार्यशैली और क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।



महाराजा भागीरथ की प्रतिमा से शुरू हुआ विवाद


लक्सर में महाराजा भागीरथ की प्रतिमा को लेकर विवाद की शुरुआत उस समय हुई, जब पहले से स्थापित पेंटिंग वाली प्रतिमा के खंडित होने के बाद सैनी समाज के लोगों ने आपसी सहयोग और चंदा जुटाकर नई प्रतिमा स्थापित करने की पहल की। बताया जाता है कि पहले यह प्रतिमा विधायक उमेश कुमार की ओर से स्थापित कराई गई थी। नई प्रतिमा के निर्माण को लेकर विवाद बढ़ने लगा और मामला सामाजिक सम्मान से जुड़ गया।


सैनी समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि प्रतिमा के मामले में विधायक की ओर से मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी गई। इसके बाद समाज के लोगों ने पंचायत आयोजित कर नाराजगी जाहिर की और 2027 के विधानसभा चुनाव में विरोध करने की चेतावनी दी। पंचायत के बाद प्रतिमा निर्माण कार्य को नुकसान पहुंचाने के कथित प्रयास की बात भी सामने आई। इसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति बनने और पुलिस बल तैनात किए जाने की जानकारी मिली। हालांकि, इन आरोपों और कथित घटना की आधिकारिक पुष्टि तथा संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना जरूरी है।

अब विकास के मुद्दों पर भी उठे सवाल



प्रतिमा विवाद के बीच खानपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर भी आवाजें तेज होने लगी हैं। राजपुर गांव में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान भीम आर्मी के पूर्व प्रदेश प्रभारी दीपक सैठपुर ने विधायक उमेश कुमार शर्मा की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

दीपक सैठपुर ने युवाओं के लिए रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने, सरकारी स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके अनुसार, जनप्रतिनिधियों को क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए। इन बयानों के जरिए प्रतिमा विवाद से अलग विकास के मुद्दों को भी खानपुर की राजनीतिक चर्चा के केंद्र में लाने की कोशिश की गई है।
सामाजिक नाराजगी और विकास के सवालों से नई बहस

खानपुर में इस समय दो प्रमुख मुद्दे चर्चा में हैं। एक ओर महाराजा भागीरथ की प्रतिमा को लेकर सैनी समाज की नाराजगी है, तो दूसरी ओर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को लेकर उठ रहे सवाल हैं। इन घटनाक्रमों ने विधायक उमेश कुमार के सामने सामाजिक असंतोष और विकास संबंधी आरोपों पर जवाब देने की चुनौती खड़ी की है।

हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि इन मुद्दों का आगामी विधानसभा चुनाव पर कितना असर पड़ेगा। चुनावी समीकरणों पर प्रभाव का आकलन क्षेत्र के लोगों की प्रतिक्रिया, विभिन्न सामाजिक समूहों के रुख और राजनीतिक दलों की रणनीति के आधार पर ही किया जा सकेगा। फिलहाल, प्रतिमा विवाद और विकास के मुद्दों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है।
2027 के चुनाव पर कितना पड़ेगा असर?
महाराजा भागीरथ की प्रतिमा को लेकर शुरू हुआ विवाद अब केवल स्थापना और निर्माण तक सीमित नहीं रह गया है। यह सामाजिक सम्मान, जनप्रतिनिधि की कार्यशैली और क्षेत्रीय विकास जैसे सवालों से जुड़ गया है। सैनी समाज की ओर से विरोध की चेतावनी और दीपक सैठपुर की ओर से उठाए गए विकास संबंधी सवालों ने खानपुर की राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है।

अब निगाहें इस बात पर हैं कि विधायक उमेश कुमार शर्मा इन आरोपों और मांगों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं तथा क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। प्रतिमा विवाद से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक उठ रहे सवालों के बीच जनता के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा वास्तविक समस्याओं का समाधान और क्षेत्र का विकास रहेगा।

