251 साल बाद शुरू हुई मां चंडिका की दिवारा यात्रा, विजयदशमी पर ब्रह्म स्वरूप में दिए दर्शन

251 साल बाद शुरू हुई मां चंडिका की दिवारा यात्रा, विजयदशमी पर ब्रह्म स्वरूप में दिए दर्शन

स्थान : पोखरी (चमोली)
ब्यूरो रिपोर्ट

सीमांत जनपद चमोली के विकासखंड नागनाथ पोखरी के चमेठी गांव में विजयदशमी के पावन पर्व पर मां चंडिका की दिवारा यात्रा 251 वर्षों बाद शुरू हुई। इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। शुभ अवसर पर मां चंडिका ने ब्रह्म मुहूर्त में गर्भगृह से बाहर आकर ब्रह्म स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए। मां के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और भक्तों ने चावल तथा पुष्प वर्षा कर देवी का भव्य स्वागत किया।

जानकारी के अनुसार, 11 अक्टूबर से मां चंडिका मंदिर में नवरात्र की नौ दिवसीय पूजा-अर्चना शुरू हुई थी। नवरात्र के दौरान मंदिर में विधि-विधान से धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। बुधवार को महानवमी के अवसर पर पूजा का समापन हुआ। इसके बाद देर रात से मां चंडिका की ब्रह्म डोली की विशेष पूजा-अर्चना शुरू कर दी गई, जिसके बाद विजयदशमी की सुबह दिवारा यात्रा का शुभारंभ हुआ।

ब्रह्म मुहूर्त में गर्भगृह से बाहर आईं मां चंडिका

विजयदशमी की सुबह पारंपरिक धार्मिक विधि-विधान के साथ मां चंडिका को गर्भगृह से बाहर लाया गया। इस दौरान देवी ने ब्रह्म स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए। श्रद्धालुओं ने चावल और फूलों की वर्षा कर मां का स्वागत किया तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। 251 वर्षों बाद आयोजित हो रही इस दिवारा यात्रा को स्थानीय लोगों के लिए विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का अवसर माना जा रहा है।

दिवारा यात्रा के शुभारंभ के साथ ही चमेठी गांव में धार्मिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। श्रद्धालु मां चंडिका की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। क्षेत्र की परंपराओं के अनुसार, देवी की यात्रा के दौरान विभिन्न गांवों में भ्रमण और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे।

आज चमेठी में रात्रि प्रवास, कल मायके सिनाऊं जाएंगी मां

दिवारा यात्रा के पहले दिन मां चंडिका का रात्रि प्रवास चमेठी गांव में होगा। इसके बाद अगले दिन मां अपने मायके सिनाऊं का भ्रमण करेंगी। इस धार्मिक परंपरा को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह है। मां के मायके भ्रमण के दौरान भी श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है।

सिनाऊं भ्रमण के बाद मां चंडिका उत्तर दिशा की ओर स्थित अपने बानी गांवों का भ्रमण करेंगी। इस दौरान देवी की यात्रा विभिन्न गांवों से होकर गुजरेगी और स्थानीय परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना संपन्न होगी।

धार्मिक परंपरा और लोक आस्था का प्रतीक है दिवारा यात्रा

मां चंडिका की 251 वर्षों बाद शुरू हुई दिवारा यात्रा क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। विजयदशमी के अवसर पर यात्रा के शुभारंभ से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है। मां के ब्रह्म स्वरूप में दर्शन और पारंपरिक स्वागत ने इस आयोजन को और खास बना दिया।

चमेठी से शुरू हुई मां चंडिका की दिवारा यात्रा अब विभिन्न गांवों तक पहुंचेगी। श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि मां की कृपा से क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहेगी।