यूजीसी के नए नियमों को लेकर हल्द्वानी में उठे सवाल, 22 अक्टूबर को होगी आम सभा

यूजीसी के नए नियमों को लेकर हल्द्वानी में उठे सवाल, 22 अक्टूबर को होगी आम सभा

रिपोर्टर : पंकज सक्सेना
स्थान : हल्द्वानी

यूजीसी के नए नियमों और एससी-एसटी एक्ट के प्रावधानों को लेकर हल्द्वानी में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपनी चिंता जाहिर की है। सामाजिक कार्यकर्ता विकास सरगोला और लक्ष्मण सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इन नियमों के प्रभाव, उनके क्रियान्वयन और विद्यार्थियों व कर्मचारियों पर पड़ने वाले असर को लेकर चर्चा की जानी चाहिए।

विकास सरगोला और लक्ष्मण सिंह ने कहा कि यूजीसी के नए नियमों को लेकर युवाओं के बीच कई सवाल हैं। उनका कहना है कि नियमों के लागू होने से विद्यार्थियों और कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार का पक्षपात नहीं होना चाहिए। उन्होंने इस विषय पर निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जरूरत बताई।

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि किसी भी शिकायत की जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए, ताकि किसी के साथ अन्याय न हो। हालांकि, उनके द्वारा व्यक्त की गई आशंकाओं पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सभी विद्यार्थियों को समान अवसर मिलने चाहिए। उनके मुताबिक, नियमों के क्रियान्वयन में निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है, जिससे विद्यार्थियों और कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा हो सके।

इसी मुद्दे को लेकर 22 अक्टूबर 2026 को हल्द्वानी में एक आम सभा आयोजित करने की बात कही गई है। सामाजिक कार्यकर्ताओं के अनुसार, इस बैठक में शहर के जाने-माने लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। बैठक में यूजीसी के नए नियमों, एससी-एसटी एक्ट और इनके संभावित प्रभावों पर चर्चा की जाएगी।

विकास सरगोला और लक्ष्मण सिंह ने कहा कि इस विषय पर व्यापक चर्चा के माध्यम से लोगों की चिंताओं को सामने लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा और कानून से जुड़े मामलों में निष्पक्षता तथा सभी के अधिकारों का संरक्षण महत्वपूर्ण है।

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने यूजीसी के नए नियमों को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि इन नियमों के प्रभावों की समीक्षा होनी चाहिए और विद्यार्थियों तथा कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

अब 22 अक्टूबर को प्रस्तावित आम सभा में इस मुद्दे पर क्या चर्चा होती है, इस पर लोगों की नजर रहेगी। बैठक के जरिए यूजीसी के नए नियमों और संबंधित कानूनी प्रावधानों को लेकर अपनी आपत्तियां और मांगें सामने रखने की तैयारी की जा रही है।