
स्थान : अल्मोड़ा
ब्यूरो रिपोर्ट

सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में एक बार फिर लोक संस्कृति और परंपराओं का भव्य संगम देखने को मिलेगा। संस्कार सांस्कृतिक एवं पर्यावरण संरक्षण समिति के तत्वावधान में 22 से 28 अक्टूबर 2026 तक सात दिवसीय ‘जय गोल्ज्यू महोत्सव 2026’ का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव का आयोजन ओल्ड कलेक्ट्रेट स्थित ऐतिहासिक मल्ला महल के प्रांगण में होगा, जहां उत्तराखंड समेत देश के विभिन्न राज्यों के कलाकार अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे।

आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष महोत्सव को भव्य और आकर्षक रूप देने की तैयारियां की गई हैं। कार्यक्रम में उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक लोक नृत्यों और संगीत के साथ देश के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी। महोत्सव का उद्देश्य लोक कला और परंपराओं को संरक्षित करने के साथ कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच उपलब्ध कराना है।



महोत्सव का शुभारंभ 22 अक्टूबर को भव्य शोभायात्रा के साथ होगा। शोभायात्रा शहर के ड्यूडी पोखर से शुरू होकर ऐतिहासिक मल्ला महल तक निकाली जाएगी। इसमें स्थानीय लोक कलाकार, विभिन्न सांस्कृतिक दल और नगरवासी पारंपरिक परिधानों में शामिल होंगे। शोभायात्रा के माध्यम से उत्तराखंड की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया जाएगा।


सात दिवसीय महोत्सव में उत्तराखंड के कलाकारों के साथ कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, मध्य प्रदेश और असम से आने वाले कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। विभिन्न राज्यों के लोक नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम दर्शकों को देश की विविधता से रूबरू कराएंगे। इससे अल्मोड़ा में विभिन्न क्षेत्रों की कला और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।


महोत्सव में 25 अक्टूबर को सुप्रसिद्ध लोक गायक विकास भारद्वाज अपनी प्रस्तुति देंगे। उनकी प्रस्तुति कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहेगी। वहीं, 27 अक्टूबर की शाम को विशेष ‘लाफ्टर नाइट’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश के जाने-माने हास्य कवि शंभू शिखर अपनी हास्य प्रस्तुतियों से दर्शकों को गुदगुदाएंगे।
इस वर्ष महोत्सव में कला और संस्कृति के क्षेत्र में लंबे समय से योगदान देने वाले वरिष्ठ एवं पुराने कलाकारों को सम्मानित करने की विशेष पहल भी की गई है। आयोजकों का कहना है कि ऐसे कलाकारों का सम्मान करना जरूरी है, जिन्होंने वर्षों तक लोक कला और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इससे युवा पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति से जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी।




महोत्सव में उत्तराखंड के उभरते और स्थापित स्थानीय कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। आयोजकों के मुताबिक, स्थानीय कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने से क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलेगी और लोक कलाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही विभिन्न राज्यों से आने वाले कलाकारों के माध्यम से सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलेगा।
आयोजकों ने बताया कि विगत वर्षों की भांति इस बार भी ‘जय गोल्ज्यू महोत्सव 2026’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। उत्तराखंड की लोक संस्कृति के साथ देश के अन्य राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां इस आयोजन को खास बनाएंगी। 22 से 28 अक्टूबर तक चलने वाले इस महोत्सव में स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आने वाले दर्शकों के भी शामिल होने की उम्मीद है। ऐतिहासिक मल्ला महल में सजने वाला यह सांस्कृतिक उत्सव अल्मोड़ा की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई देने का प्रयास करेगा।

