रानीखेत में कदली वृक्ष यात्रा के साथ मां नंदा-सुनंदा महोत्सव का शुभारंभ

रानीखेत में कदली वृक्ष यात्रा के साथ मां नंदा-सुनंदा महोत्सव का शुभारंभ

रिपोर्टर- संजय जोशी
स्थान- रानीखेत

पर्यटन नगरी रानीखेत में कदली वृक्ष यात्रा के साथ मां नंदा-सुनंदा महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हो गया। ढोल-नगाड़ों, पारंपरिक निशानों और छोलिया नृत्य के साथ निकली भव्य शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। राय स्टेट में कदली वृक्षों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद उनका नगर भ्रमण कराया गया।

महोत्सव के शुभारंभ के साथ ही पूरा रानीखेत भक्तिमय माहौल में रंगा नजर आया। नंदा देवी मंदिर परिसर से श्रद्धालु पारंपरिक वाद्ययंत्रों और छोलिया नृत्य के साथ राय स्टेट पहुंचे। यहां धार्मिक अनुष्ठानों के बीच कदली वृक्षों की पूजा की गई। इसके बाद मां नंदा-सुनंदा के जयकारों के बीच भव्य शोभायात्रा निकाली गई।

आयोजकों के अनुसार अब कदली वृक्षों से मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाओं का निर्माण शुरू किया जाएगा। 19 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त में प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी।

पूर्व विधायक करन माहरा ने कहा कि रानीखेत के लिए यह गौरव का विषय है कि यहां मां नंदा-सुनंदा का 137वां महोत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मां की कृपा से क्षेत्र प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रहा है और क्षेत्रवासी स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं।

विधायक प्रमोद नैनवाल ने कहा कि मां नंदा-सुनंदा को उत्तराखंड की संरक्षिका के रूप में पूजा जाता है। महोत्सव में उमड़ा आस्था का सैलाब मां के प्रति लोगों की अगाध श्रद्धा को दर्शाता है।

महोत्सव समिति के अध्यक्ष गौरव भट्ट ने बताया कि मां नंदा-सुनंदा महोत्सव का आयोजन प्रतिवर्ष किया जाता है। इस दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ स्कूली छात्र-छात्राओं को भी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच प्रदान किया जाता है।

महोत्सव को लेकर क्षेत्रीय लोगों में खासा उत्साह है। 22 सितंबर तक नंदा देवी मंदिर परिसर में विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। 23 सितंबर को माता रानी के डोले के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।