पुरानी पेंशन बहाली को लेकर आंदोलन तेज, चंपावत से 500 से अधिक कर्मचारी देहरादून रवाना

पुरानी पेंशन बहाली को लेकर आंदोलन तेज, चंपावत से 500 से अधिक कर्मचारी देहरादून रवाना

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर प्रदेशभर के शिक्षकों और कर्मचारियों का आंदोलन तेज हो गया है। 13 सितंबर को देहरादून में पुरानी पेंशन बहाली मोर्चा के नेतृत्व में पेंशन महारैली और मुख्यमंत्री आवास घेराव का कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसमें हजारों शिक्षक और कर्मचारी शामिल होने का दावा किया गया है।

महारैली में शामिल होने के लिए चंपावत जिले से भी बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी शनिवार को देहरादून के लिए रवाना हुए। पुरानी पेंशन बहाली मोर्चा के जिला अध्यक्ष गोविंद सिंह मेहता के नेतृत्व में विभिन्न कर्मचारी संगठनों से जुड़े 500 से अधिक शिक्षक-कर्मचारियों के रवाना होने की बात कही गई है।

देहरादून रवाना होने से पहले लोहाघाट बस स्टेशन पर शिक्षकों और कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार से पुरानी पेंशन व्यवस्था को दोबारा लागू करने की मांग उठाई।

जिला अध्यक्ष गोविंद सिंह मेहता ने कहा कि पुरानी पेंशन बंद होने से कर्मचारियों के भविष्य की आर्थिक सुरक्षा प्रभावित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन लंबे समय से पुरानी पेंशन बहाली की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार की ओर से अब तक उनकी मांग पर अपेक्षित निर्णय नहीं लिया गया।

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकारी सेवा के दौरान कर्मचारी पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं। ऐसे में सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।

कर्मचारियों का कहना है कि पुरानी पेंशन व्यवस्था में सेवानिवृत्ति के बाद निश्चित आर्थिक सुरक्षा का भरोसा रहता था, जबकि मौजूदा व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना बनी हुई है। इसी कारण प्रदेशभर में पुरानी पेंशन की मांग लगातार तेज हो रही है।

ली आयोजित की जाएगी और इसके बाद मुख्यमंत्री आवास के घेराव का कार्यक्रम है। इसमें विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी पहुंचेंगे।

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि जब तक सरकार पुरानी पेंशन बहाली को लेकर सकारात्मक फैसला नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। चंपावत जिले से रवाना हुए कर्मचारियों ने भी एकजुट होकर मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।