
स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : पंकज सक्सेना


कंपनी के राइडरों ने मानदेय घटाए जाने के विरोध में कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए कार्य बहिष्कार किया। प्रदर्शन में करीब 100 से 200 राइडरों के शामिल होने की बात कही जा रही है।


राइडरों का आरोप है कि कंपनी की ओर से उनके भुगतान में कटौती कर दी गई है। इससे उनकी आमदनी पर सीधा असर पड़ा है और परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।



प्रदर्शनकारी राइडरों ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच पहले से ही उन्हें कम आमदनी में काम करना पड़ रहा था। अब मानदेय घटाए जाने से उनकी आर्थिक परेशानी और बढ़ गई है।



राइडरों ने अपनी मांगों को लेकर सामूहिक रूप से काम बंद कर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने कंपनी प्रबंधन से पुराने मानदेय को बहाल करने और भुगतान व्यवस्था में सुधार की मांग की।


प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कंपनी की ओर से उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार अपनी मांग उठाने के बावजूद कोई संतोषजनक समाधान नहीं मिला।

राइडरों ने यह भी आरोप लगाया कि काम पर वापस लौटने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है। उनका दावा है कि काम नहीं करने की स्थिति में नौकरी से हटाने की चेतावनी तक दी जा रही है।



राइडरों का कहना है कि वे कंपनी के लिए लगातार सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन मानदेय में कटौती से उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है। उन्होंने भुगतान की पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की।

इस संबंध में कंपनी प्रबंधन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन प्रबंधन की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। ऐसे में राइडरों की ओर से लगाए गए आरोपों पर कंपनी का पक्ष स्पष्ट नहीं हो सका है।
फिलहाल राइडरों ने मांगें पूरी होने तक अपना विरोध जारी रखने की बात कही है। उनका कहना है कि यदि कंपनी ने मानदेय और अन्य समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है।

