
स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : पंकज सक्सेना


शुक्रवार को स्वराज आश्रम में कांग्रेस का सदस्यता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और प्रदेश महासचिव विजय सारस्वत मौजूद रहे। इस दौरान भीमताल क्षेत्र से जुड़े जनप्रतिनिधियों और समर्थकों ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।


सदस्यता लेने वाले नेताओं ने कहा कि वे कांग्रेस की विचारधारा और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की नीति से प्रभावित होकर पार्टी में शामिल हुए हैं। उन्होंने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए काम करने की बात कही।



कार्यक्रम के दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक और पार्टी नेतृत्व के दौरे पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कार्यक्रमों में प्रदेश के मूल मुद्दों और विकास से जुड़े विषयों पर गंभीर चर्चा नहीं हुई।



आर्य ने बिजली, जमीन और अन्य संसाधनों को लेकर भी भाजपा सरकार की नीतियों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने वाली नीतियों का बोझ आखिरकार आम जनता पर पड़ रहा है।


उन्होंने क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का मुद्दा भी उठाया और कहा कि सरकार को प्रभावित परिवारों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुननी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार जनसमस्याओं से अधिक राजनीतिक आयोजनों पर ध्यान दे रही है।

नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि प्रदेश की जनता भाजपा से नाराज है और आगामी विधानसभा चुनाव में इसका असर देखने को मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि 2027 में कांग्रेस पूर्ण बहुमत के साथ उत्तराखंड में सरकार बनाएगी।



कांग्रेस प्रदेश महासचिव विजय सारस्वत ने कहा कि पार्टी लगातार लोगों को जोड़ने का काम कर रही है। उनका कहना था कि समाज के विभिन्न वर्ग कांग्रेस की नीतियों और विचारधारा से प्रभावित होकर पार्टी से जुड़ रहे हैं।


सारस्वत ने भाजपा पर जाति और धर्म के आधार पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सभी धर्मों और समुदायों को साथ लेकर चलने में विश्वास करती है और सामाजिक एकता को प्राथमिकता देती है।
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन को मजबूत करने और अधिक से अधिक लोगों को पार्टी से जोड़ने का आह्वान किया। सदस्यता कार्यक्रम के साथ ही प्रदेश की सियासत को लेकर कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला।

