
स्थान : नरेंद्रनगर
ब्यूरो रिपोर्ट


नरेंद्रनगर विकासखंड के अंतर्गत खाड़ी-पिपललेथ-चौंपा और उद्खंडा मोटर मार्ग भीषण बारिश की भेंट चढ़ गया है। भारी बारिश के कारण सड़क कई स्थानों पर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।


बताया जा रहा है कि मोटर मार्ग तीन स्थानों पर करीब 15 से 20 मीटर तक पूरी तरह वॉश आउट हो गया है। सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस जाने से कई जगह मार्ग कांच के टुकड़ों की तरह टूटा और बिखरा दिखाई दे रहा है।



सड़क के बुरी तरह धराशायी होने से चौंपा, पिपललेथ और उद्खंडा की तीन ग्राम पंचायतों के आधा दर्जन से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं। इन गांवों का सामान्य यातायात संपर्क बुरी तरह बाधित हो गया है।



सड़क का बड़ा हिस्सा धंस जाने के कारण वाहनों की आवाजाही कब तक शुरू हो पाएगी, फिलहाल यह कहना मुश्किल है। मौजूदा हालात में सड़क को दोबारा यातायात योग्य बनाने में समय लगने की आशंका जताई जा रही है।


स्थिति इसलिए भी गंभीर बनी हुई है क्योंकि कई स्थानों पर पैदल रास्ते भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। ऐसे में ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों, बाजार और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण के दौरान पर्याप्त पक्की सुरक्षा दीवार नहीं लगाए जाने के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। ग्रामीणों ने पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।



ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2021-22 से ही क्षेत्र में पक्की सुरक्षा दीवार लगाए जाने की मांग की जा रही थी, लेकिन उनकी मांग पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब भारी बारिश के बाद सड़क धंसने से उनकी आशंकाएं सही साबित हुई हैं।


मोटर मार्ग बंद होने के बाद ग्रामीणों को काफी लंबे वैकल्पिक रास्ते से आवाजाही करनी पड़ रही है। इससे समय और खर्च दोनों बढ़ गए हैं, जबकि आपात स्थिति में लोगों की परेशानी और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
मौके पर पहुंचे क्षेत्र के पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर सड़क और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था और सड़क मरम्मत की मांग की है।

