
स्थान : लोहाघाट( चंपावत)
ब्यूरो रिपोर्ट


लोहाघाट महाविद्यालय से रिश्वेश्वर महादेव मंदिर जाने वाला मोटर मार्ग लंबे समय से बदहाल पड़ा है। सड़क की खराब स्थिति के कारण रायनगर चौड़ी क्षेत्र के ग्रामीणों को आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


मार्ग जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने के साथ कीचड़ से भरा हुआ है। हालत इतनी खराब है कि ग्रामीणों के लिए पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है, जबकि सड़क पर चलने वाले वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा लगातार बना हुआ है।



क्षेत्र के ग्रामीण एवं पूर्व सैनिक गिरीश चंद्र कापड़ी और उमापति राय ने बताया कि यह सड़क पूर्व में मंडी परिषद द्वारा बनाई गई थी, लेकिन पिछले काफी समय से इसकी स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।



ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के सुधारीकरण को लेकर शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाई जा चुकी है। हर बार उन्हें आश्वासन तो मिला, लेकिन धरातल पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।


दोनों बुजुर्ग पूर्व सैनिकों ने जनप्रतिनिधियों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि चुनाव के समय नेता वोट मांगने के लिए गांव पहुंचते हैं और समस्या के समाधान का भरोसा देते हैं, लेकिन चुनाव के बाद स्थिति जस की तस बनी रहती है।

ग्रामीणों के मुताबिक पूर्व विधायक और वर्तमान विधायक के सामने भी सड़क सुधारीकरण की मांग रखी गई थी, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया। बदहाल सड़क के कारण धार्मिक और सामाजिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।



ग्रामीणों ने बताया कि इसी मार्ग से देव डांगरों को रिश्वेश्वर महादेव मंदिर तक ले जाया जाता है। इसके अलावा शवयात्राएं भी इसी मार्ग से रिश्वेश्वर घाट तक पहुंचती हैं, जिससे सड़क का महत्व और अधिक बढ़ जाता है।

पूर्व सैनिकों ने जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार से सड़क का जल्द से जल्द सुधारीकरण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि जिलाधिकारी उनकी समस्या का संज्ञान लेकर सुरक्षित आवाजाही के लिए ठोस कार्रवाई करेंगे।
रायनगर चौड़ी के पूर्व ग्राम प्रधान जितेंद्र राय ने भी बताया कि सड़क की समस्या को लेकर कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि मार्ग सुधारीकरण के लिए मिलने वाली धनराशि बेहद कम है, जिससे सड़क का समुचित पुनर्निर्माण संभव नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से पर्याप्त बजट जारी कर मार्ग का पुनर्निर्माण कराने की मांग की है।

