नाले में बहने से मासूम की मौत, बदहाल सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

नाले में बहने से मासूम की मौत, बदहाल सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

हरिद्वार के सिडकुल थाना क्षेत्र में नाले में बहने से छह वर्षीय मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत के बाद क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था और विकास कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हादसे के बाद इलाके में मातम के साथ ही लोगों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है।

हादसे के बाद स्थानीय लोगों के साथ जनप्रतिनिधियों ने भी नाले की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग उठानी शुरू कर दी है। लोगों का कहना है कि खुले नाले के कारण क्षेत्र में लगातार दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महंत शुभम गिरी घटनास्थल पर पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने हादसे की परिस्थितियों और नाले की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया।

महंत शुभम गिरी ने नाले के खुले हिस्से पर मजबूत लोहे की ग्रिल लगाए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए नाले के आसपास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किया जाना बेहद जरूरी है।

उन्होंने छह वर्षीय बच्ची की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की बात कही। साथ ही जिम्मेदार विभागों से सुरक्षा व्यवस्था में तत्काल सुधार करने की मांग की।

वहीं स्थानीय लोगों में भी हादसे को लेकर भारी नाराजगी है। लोगों का आरोप है कि इससे पहले भी इसी नाले में दो लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि क्षेत्र में पहुंचकर विकास के तमाम दावे करते हैं, लेकिन आम दिनों में नालों की सुरक्षा, जल निकासी और अन्य मूलभूत समस्याओं पर गंभीरता से काम नहीं किया जाता।

लोगों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में विकास कार्यों के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर कई समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। खुले नाले को लेकर भी लंबे समय से ठोस समाधान की जरूरत महसूस की जा रही थी।

फिलहाल मासूम की मौत ने सिडकुल क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन और जिम्मेदार विभागों के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि मामला केवल निरीक्षण और बयानबाजी तक सीमित न रहे, बल्कि नाले की सुरक्षा के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं।