मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा वाले मैदान के ‘शुद्धिकरण’ मामले में अज्ञात पर FIR दर्ज

मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा वाले मैदान के ‘शुद्धिकरण’ मामले में अज्ञात पर FIR दर्ज

स्थान : हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित ऐतिहासिक रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद सामने आए कथित ‘शुद्धिकरण’ प्रकरण में पुलिस ने बड़ी कानूनी कार्रवाई की है। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में भारी तहलका मचा दिया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ औपचारिक रूप से पहली प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यह पूरी कानूनी कार्रवाई हल्द्वानी निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता अंजू द्वारा पुलिस को दी गई लिखित तहरीर के आधार पर की गई है। शिकायतकर्ता ने अपनी तहरीर में घटना के तमाम पहलुओं का ब्योरा देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

प्रकरण की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच का जिम्मा एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र को सौंपा है। जांच अधिकारी ने मामले से जुड़े साक्ष्यों और वीडियो फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया है।

दर्ज एफआईआर में आरोपियों पर समाज में जातिगत भेदभाव फैलाने, किसी वर्ग विशेष को सामाजिक रूप से अपमानित करने तथा अनुसूचित जाति के प्रति घृणा एवं हीनता का भाव पैदा करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

पुलिस ने मामले में नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 और 199 के तहत केस दर्ज किया है। इसके साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम यानी SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(r) की गंभीर धाराएं भी जोड़ी गई हैं।

यह पूरा विवाद तब खड़ा हुआ जब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की चुनावी सभा संपन्न होने के बाद कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर मैदान को धोने और शुद्धिकरण करने की खबरें व वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे।

घटना के सामने आने के बाद से ही कांग्रेस पार्टी और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इसे दलित समाज का अपमान बताते हुए विरोध जताया था, जिसके बाद पुलिस की इस FIR कार्रवाई को एक अहम मोड़ माना जा रहा है।