
स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट


उत्तराखंड कांग्रेस की विशाल रैली का नेतृत्व करने के बाद प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने कांग्रेस मुख्यालय में संगठनात्मक बैठकों का दौर तेज कर दिया है। इस दौरान पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों और शीर्ष नेताओं के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं।


बैठक को लेकर कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने कहा कि विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ पार्टी की राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियां स्वाभाविक रूप से बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं और विभिन्न संगठनों के साथ बैठकों का उद्देश्य आगामी रणनीति को मजबूत करना है।




कुमारी शैलजा ने कहा कि कांग्रेस आने वाले समय में प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की नीतियों से विभिन्न वर्गों के लोग परेशान हैं और अब बदलाव की आवश्यकता महसूस कर रहे हैं।



प्रदेश प्रभारी ने कहा कि पार्टी जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार मैदान में रहेगी। बेरोजगारी, युवाओं से जुड़े सवाल, सामाजिक मुद्दे और सरकार की नीतियों को लेकर कांग्रेस आने वाले दिनों में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित करेगी।


उन्होंने बीते दिन आयोजित कांग्रेस की विशाल रैली की सफलता का भी जिक्र किया। कुमारी शैलजा ने दावा किया कि रैली को पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ-साथ आम जनता का भी व्यापक सहयोग मिला, जिससे संगठन को नई ऊर्जा मिली है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन को बूथ और जमीनी स्तर पर सक्रिय करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों को भी जनता के बीच जाकर मुद्दों को उठाने के निर्देश दिए जा रहे हैं।



कांग्रेस अनुसूचित विभाग के अध्यक्ष मदन लाल ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी, पेपर लीक और अन्य जनसमस्याएं प्रमुख मुद्दे हैं। उन्होंने कहा कि इन विषयों को लेकर पार्टी लगातार जनता के बीच जाएगी और सरकार से जवाब मांगेगी।


मदन लाल ने हल्द्वानी के कथित शुद्धिकरण प्रकरण का भी उल्लेख करते हुए इसे दलित सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले समेत अन्य सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर आने वाले दिनों में कार्यक्रम तय करेगी।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार बैठकों में आगामी आंदोलनों, जनसंपर्क कार्यक्रमों और संगठनात्मक रणनीति पर चर्चा की जा रही है। कार्यक्रमों की रूपरेखा तय होने के बाद पार्टी उसे विस्तार से मीडिया के सामने रखेगी। कांग्रेस का फोकस अब आगामी चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने और ज्वलंत मुद्दों को जनता के बीच प्रमुखता से उठाने पर है।

