स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट


अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड की सियासत एक बार फिर गरमाने लगी है। पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि मामले से जुड़े कई सवालों के जवाब आज भी सामने आना बाकी हैं।


हरक सिंह रावत लंबे समय से अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी एंगल की जांच और मामले की सीबीआई जांच की मांग उठाते रहे हैं। उनका कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि जनता के मन में उठ रहे सवालों का जवाब मिल सके।



जनवरी 2026 में भी हरक सिंह रावत के नेतृत्व में अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान मामले के सभी पहलुओं की जांच कराने और कथित वीआईपी कनेक्शन को सामने लाने की मांग उठाई गई थी।

अंकिता भंडारी पौड़ी जिले के श्रीकोट गांव की रहने वाली थीं। वह ऋषिकेश के वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या के बाद पूरे उत्तराखंड में व्यापक आक्रोश फैल गया था और मामले को लेकर प्रदेशभर में आंदोलन हुए थे।


मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने मुख्य आरोपी पुलकित आर्य समेत तीन आरोपियों को दोषी ठहराया था। तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है। इसके बावजूद अंकिता के परिवार और विभिन्न संगठनों की ओर से मामले के कथित वीआईपी पहलू की जांच की मांग लगातार उठती रही है।

हरक सिंह रावत का कहना है कि अदालत से दोषियों को सजा मिलने के बावजूद मामले से जुड़े कुछ सवालों का जवाब मिलना अभी बाकी है। उन्होंने कहा कि अंकिता को पूर्ण न्याय तभी माना जाएगा, जब मामले से जुड़े सभी अनुत्तरित सवालों का जवाब सामने आए।




उन्होंने कहा कि जिस किसी की भी मामले में भूमिका रही हो, उसके खिलाफ निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना है कि जांच को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान होना जरूरी है, ताकि पीड़ित परिवार और प्रदेश की जनता को पूरी तरह संतुष्टि मिल सके।
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर पौड़ी से लेकर देहरादून तक समय-समय पर आंदोलन और प्रदर्शन होते रहे हैं। विभिन्न सामाजिक संगठनों और लोगों की ओर से भी मामले की विस्तृत जांच तथा कथित वीआईपी पहलू को सामने लाने की मांग उठती रही है।

फिलहाल अंकिता हत्याकांड एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में है। हरक सिंह रावत के बयान के बाद मामले की जांच और कथित वीआईपी एंगल को लेकर चर्चा तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर प्रदेश की सियासत और गरमाने के आसार हैं।

