स्थान : रानीखेत
रिपोर्टर : संजय जोशी


देशप्रेम और राष्ट्रीय चेतना की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) सीमान्त मुख्यालय रानीखेत की ओर से ‘वंदे मातरम अभियान’ के तहत विभिन्न देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय लोगों और युवाओं को राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के ऐतिहासिक महत्व से परिचित कराना और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करना रहा।


कार्यक्रम का शुभारंभ सीमान्त मुख्यालय परिसर से लघु मैराथन दौड़ के साथ हुआ। उप महानिरीक्षक सुरेश सुब्रह्मण्यम ने हरी झंडी दिखाकर मैराथन को रवाना किया। मैराथन रानीखेत बाजार के मुख्य मार्ग और तिरंगा चौक से होते हुए वापस सीमान्त मुख्यालय पहुंची। इसमें एसएसबी के अधिकारियों और जवानों ने उत्साह एवं अनुशासन के साथ प्रतिभाग किया।



कार्यक्रम के दूसरे चरण में सीमान्त मुख्यालय परिसर में सामूहिक राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का गायन किया गया। इसमें एसएसबी अधिकारियों और जवानों के साथ केंद्रीय विद्यालय, माउंट सिनाई, बीरशिवा और आर्मी पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने भी हिस्सा लिया। सामूहिक गायन से पूरा परिसर देशभक्ति के नारों और राष्ट्रगीत की गूंज से सराबोर हो गया।


इस अवसर पर उप महानिरीक्षक मुख्तार मोहसिन ने उपस्थित अधिकारियों, जवानों और स्कूली छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने ‘वंदे मातरम’ के गौरवशाली इतिहास और इसके सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा का प्रमुख स्रोत बना।

उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ केवल एक राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रप्रेम की भावना का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों से युवा पीढ़ी में देश के प्रति जिम्मेदारी और राष्ट्रीय चेतना को और मजबूत किया जा सकता है।



कार्यक्रम में मुख्तार मोहसिन, भा.पु.से., उप महानिरीक्षक, सुरेश सुब्रमणयम, उप महानिरीक्षक, दुर्गा बहादुर सोनार, उप महानिरीक्षक, श्रीमती चंद्रका हयाँकी,उप महानिरीक्षक (चिकित्सा), गोविंद सिंह भण्डारी (कमांडेंट), देबासिस पाल (कमांडेंट), कुमार सुंदरम (द्वितीय कमान अधिकारी), प्रभाकर (उप कमांडेंट), जसवीर सिंह, (अधिशासी अभियंता), गोविंद सिंह बोरा (सहायक कमांडेंट) रितेश कुमार सिंह (सहा. अभियंता) एवं अन्य अधिकारी व जवानों ने प्रतिभाग किया।




