तमक नाला उफान पर, तबाही का मंजर; सेब बागान बर्बाद

तमक नाला उफान पर, तबाही का मंजर; सेब बागान बर्बाद

स्थान : चमोली
ब्यूरो रिपोर्ट

नीति घाटी के तमक क्षेत्र से भारी बारिश के बीच तबाही की बड़ी खबर सामने आई है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण तमक नाला अचानक उफान पर आ गया। नाले के विकराल रूप लेने से आसपास के इलाकों में भारी नुकसान की सूचना है।

बताया जा रहा है कि तमक क्षेत्र में लगातार बारिश के दौरान दो से तीन बार भारी अतिवृष्टि हुई। इसके बाद नाले का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और तेज बहाव के साथ पानी व भारी मात्रा में मलबा नीचे की ओर बहने लगा। नाले के तेज बहाव से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

तमक नाले के आसपास स्थित स्थानीय काश्तकारों के सेब के बागानों को भी भारी नुकसान पहुंचने की सूचना है। तेज बहाव और मलबे की चपेट में आने से बागानों में खड़ी सेब की फसल बर्बाद हो गई। इससे स्थानीय किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, तेज बहाव की चपेट में आने से बीआरओ द्वारा करीब एक से दो माह पहले बनाया गया तमक नाले का पुल भी बह गया। पुल के बहने से क्षेत्र में आवाजाही प्रभावित हुई है और स्थानीय लोगों के सामने आवागमन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

तमक क्षेत्र में चारों तरफ मलबा और पानी फैलने से तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है। भारी बारिश के कारण नीति वैली का ज्योतिर्मठ क्षेत्र से सड़क संपर्क पूरी तरह कट जाने की बात सामने आ रही है। इससे क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। लगातार हो रही बारिश और तमक नाले के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से लोगों से नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों के आसपास जाने से बचने की अपील किए जाने की आवश्यकता है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तमक क्षेत्र की स्थिति का तत्काल जायजा लेने की मांग की है। साथ ही प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सड़क संपर्क बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है।

फिलहाल क्षेत्र में बारिश का दौर जारी रहने से खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन की राहत-बचाव कार्रवाई पर टिकी है। क्षेत्र में हुए नुकसान का विस्तृत आकलन किए जाने के बाद ही तबाही की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।