स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्टर


धर्मनगरी हरिद्वार में चल रहे कांवड़ मेले में शिवभक्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मेला अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है, लेकिन डाक कांवड़ियों का सैलाब लगातार हरिद्वार की ओर बढ़ रहा है। पुलिस विभाग के आंकड़ों के मुताबिक शनिवार शाम तक 3 करोड़ 19 लाख से अधिक कांवड़ यात्री हरिद्वार पहुंच चुके हैं।


कांवड़ मेले के अंतिम चरण में डाक कांवड़ियों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों से शिवभक्त गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंच रहे हैं। इसके चलते धर्मनगरी की सड़कों और प्रमुख मार्गों पर लगातार भीड़ का दबाव बना हुआ है।



पुलिस और प्रशासन के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती भीड़ नियंत्रण के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना है। लाखों की संख्या में कांवड़ियों के लगातार पहुंचने से प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव भी बढ़ गया है। ऐसे में पुलिसकर्मी लगातार यातायात व्यवस्था संभालने में जुटे हुए हैं।


पुलिस विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार शनिवार शाम तक हरिद्वार पहुंचने वाले कांवड़ यात्रियों का आंकड़ा 3 करोड़ 19 लाख को पार कर गया। प्रशासन का अनुमान है कि अगले दो दिनों में कांवड़ यात्रियों की संख्या 4 करोड़ के आंकड़े को भी पार कर सकती है।

बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। मेला नियंत्रण भवन में बनाए गए कंट्रोल रूम से पूरे मेला क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है। सीसीटीवी और अन्य माध्यमों से भीड़ की स्थिति और प्रमुख मार्गों की लगातार निगरानी की जा रही है।


इसके साथ ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी कंट्रोल रूम तक सीमित न रहकर ग्राउंड जीरो पर भी पहुंच रहे हैं। अधिकारी अलग-अलग क्षेत्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं और जरूरत के अनुसार मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं।



कांवड़ मेले के अंतिम पड़ाव में डाक कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। अधिकारियों का प्रयास है कि शिवभक्तों को किसी तरह की परेशानी न हो और भीड़ के बीच यातायात व्यवस्था भी सुचारू बनी रहे।
फिलहाल हरिद्वार में आस्था का सैलाब अपने चरम पर है। 3 करोड़ 19 लाख से अधिक कांवड़ यात्रियों के पहुंचने के बाद अब अगले दो दिन प्रशासन के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण माने जा रहे हैं। 4 करोड़ का आंकड़ा पार होने की संभावना के बीच पुलिस और प्रशासन ने व्यवस्थाओं को लेकर अपनी निगरानी और तेज कर दी है।

