स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। नई टीम में विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले नेताओं को जिम्मेदारियां दी गई हैं। कार्यकारिणी में गोदावरी थपलियाल को प्रदेश कोषाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि 24 नेताओं को प्रदेश उपाध्यक्ष, 36 को प्रदेश महासचिव और 107 नेताओं को प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।


कांग्रेस नेतृत्व ने नई कार्यकारिणी में वरिष्ठ नेताओं के साथ युवा चेहरों को भी जगह दी है। पार्टी का कहना है कि संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों के साथ चुनावी तैयारियों को गति देने के उद्देश्य से नई टीम का गठन किया गया है। नई जिम्मेदारियों के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं में भी सक्रियता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।



इसी क्रम में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए पांच महत्वपूर्ण समितियों का गठन किया है। एआईसीसी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार कार्यकारिणी समिति, घोषणापत्र समिति, अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति, एसआईआर समिति और चार्जशीट समिति का गठन तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

नई कार्यकारिणी समिति में प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है। इनमें गणेश गोदियाल, यशपाल आर्य, हरीश रावत, प्रीतम सिंह, गुरदीप सिंह सप्पल, काजी निजामुद्दीन, करन माहरा, डॉ. हरक सिंह रावत और भुवन चंद्र कापड़ी समेत कुल 41 नेता शामिल हैं। पार्टी ने इन समितियों के जरिए संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी राजनीतिक रणनीति को धार देने की तैयारी की है।
घोषणापत्र समिति की कमान भुवन चंद्र कापड़ी को सौंपी गई है, जबकि डॉ. प्रेम बहुखंडी को इसका संयोजक बनाया गया है। अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति के अध्यक्ष की जिम्मेदारी विक्रम सिंह नेगी को दी गई है। वहीं एसआईआर समिति की अध्यक्षता मनोज रावत करेंगे, जबकि चार्जशीट समिति की कमान करन माहरा को सौंपी गई है।


कांग्रेस की नई प्रदेश कार्यकारिणी और समितियों के गठन को पार्टी आगामी चुनावी तैयारियों से जोड़कर देख रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के साथ जनता से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा। पार्टी के सामने अब नई टीम के जरिए संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की चुनौती भी होगी।


उधर कांग्रेस की नई कार्यकारिणी को लेकर भाजपा ने तंज कसा है। कैबिनेट मंत्री खजान दास ने इसे ‘जंबो कार्यकारिणी’ बताते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने से ज्यादा नेताओं को समायोजित करने पर ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि जब किसी संगठन में पदाधिकारी कार्यकर्ताओं से ज्यादा हो जाएं तो यह समझना चाहिए कि संगठन विस्तार के बजाय नाराज नेताओं को साधने की कोशिश हो रही है।
खजान दास ने दावा किया कि कांग्रेस की यह कवायद राजनीतिक मजबूरी का परिणाम है, जबकि भाजपा संगठन और विकास दोनों मोर्चों पर मजबूती से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में भी प्रदेश की जनता भाजपा पर भरोसा जताएगी। अब कांग्रेस की नई टीम के सामने संगठन को मजबूत करने और भाजपा के इन दावों का राजनीतिक जवाब देने की चुनौती होगी।

