ब्यूरो रिपोर्ट

साउथ अमेरिकन मेन्स टी20 इंटरनेशनल चैंपियनशिप के पहले मुकाबले में ब्राजील ने पेरू को एकतरफा अंदाज में हराकर टूर्नामेंट की शानदार शुरुआत की। ब्राजील के गेंदबाजों के सामने पेरू की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और पूरी टीम महज 68 रन पर सिमट गई।


टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पेरू की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम का कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका। पेरू की ओर से केवल हरशिल ब्रह्मभट्ट ने संघर्ष करते हुए 43 गेंदों में 26 रन बनाए, जबकि प्रवीन हेमंत शामदासानी ने 12 रन का योगदान दिया।



पेरू की पारी की हालत इतनी खराब रही कि तीन बल्लेबाज खाता भी नहीं खोल सके, जबकि नौ खिलाड़ी दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर पाए। कप्तान सुरेश कुमार समेत कई बल्लेबाज ब्राजील की धारदार गेंदबाजी के सामने टिक नहीं सके और पूरी टीम निर्धारित 20 ओवर भी नहीं खेल सकी।


ब्राजील की इस शानदार गेंदबाजी में यासर हारून और गैब्रिएल ओटावियो का अहम योगदान रहा। यासर हारून ने घातक गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में केवल 17 रन देकर 4 विकेट झटके। वहीं गैब्रिएल ओटावियो ने 16 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए।
इसके अलावा लुइज मोराइस और लुइज गैब्रिएल मोरास ने भी एक-एक विकेट लेकर पेरू की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। ब्राजील के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा और पेरू को बड़े स्कोर तक पहुंचने का कोई मौका नहीं दिया।


69 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ब्राजील की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही और टीम ने शुरुआती विकेट गंवाए। हालांकि कप्तान मिचेल असुनकाओ ने 22 गेंदों में 31 रन की उपयोगी पारी खेलकर टीम को संभाल लिया।


यासर हारून ने भी बल्लेबाजी में योगदान देते हुए 23 गेंदों पर 18 रन बनाए। दोनों की साझेदारी की बदौलत ब्राजील ने 10.4 ओवर में 4 विकेट खोकर 69 रन बनाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।
पेरू की ओर से रिचर्ड चेटरटन ने दो विकेट लिए, जबकि सुरेश कुमार और हरशिल ब्रह्मभट्ट को एक-एक सफलता मिली। लेकिन कमजोर बल्लेबाजी के कारण पेरू ब्राजील को जीत से रोकने में नाकाम रहा।

