
स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

इलेक्ट्रिकल कारोबारियों के प्रतिष्ठानों और दुकानों पर जीएसटी विभाग की ओर से की जा रही कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों का प्रदर्शन लगातार जारी है। सोमवार को इलेक्ट्रिकल व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं और विभागीय कार्रवाई के खिलाफ विरोध जताया।

हरिद्वार इलेक्ट्रिकल ट्रेड एसोसिएशन से जुड़े व्यापारियों ने आर्यनगर चौक से चंद्राचार्य चौक तक विरोध मार्च निकाला। इस दौरान बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल हुए और जीएसटी विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई रोकने की मांग की।


व्यापारियों का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से इलेक्ट्रिकल सामान का कारोबार करने वाले प्रतिष्ठानों पर जीएसटी विभाग की ओर से लगातार जांच और छापेमारी की जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से कारोबारी वर्ग में रोष बढ़ता जा रहा है।


प्रदर्शनकारी व्यापारियों ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारियों की ओर से बेहद कम समय का नोटिस देकर लाखों रुपये एडवांस टैक्स के रूप में जमा कराने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से व्यापारियों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


व्यापारियों का कहना है कि त्योहारी सीजन के दौरान बाजार में कारोबार बढ़ने की उम्मीद रहती है, लेकिन लगातार हो रही विभागीय कार्रवाई के कारण व्यापार प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि दुकानों पर जांच और कार्रवाई के चलते ग्राहकों और कारोबारियों दोनों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

इलेक्ट्रिकल ट्रेड एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि व्यापारी टैक्स व्यवस्था और नियमों का पालन करने के लिए तैयार हैं, लेकिन किसी भी कारोबारी पर अनावश्यक दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने विभाग से व्यापारियों के साथ संवाद स्थापित कर समस्याओं का समाधान करने की मांग की।




अब तक मुख्य रूप से इलेक्ट्रिकल कारोबार से जुड़े व्यापारी ही जीएसटी विभाग की कार्रवाई का विरोध कर रहे थे, लेकिन सोमवार को कई अन्य व्यापार मंडलों से जुड़े व्यापारी भी उनके समर्थन में उतर आए। इससे प्रदर्शन को और अधिक व्यापक समर्थन मिला।

व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि जीएसटी विभाग की ओर से की जा रही कार्रवाई के तरीके में बदलाव नहीं किया गया और उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जा सकता है। व्यापारियों ने प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से जल्द समाधान निकालने की मांग की।

