मतदाता सूची विवाद पर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, आरोप-प्रत्यारोप तेज

मतदाता सूची विवाद पर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, आरोप-प्रत्यारोप तेज

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड में मतदाता सूची के मैपिंग और विसंगतियों को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं। दोनों दलों के नेताओं ने एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए अपनी-अपनी दलीलें रखी हैं।

भाजपा के प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष सकारात्मक भूमिका छोड़कर नकारात्मक राजनीति कर रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा या राज्य सरकार किसी भी मतदाता का नाम या वोट काटने का काम नहीं कर रही है।

परिहार ने कहा कि मतदाता सूची (ड्राफ्ट रोल) में किए जा रहे सुधार और संशोधन पूरी तरह से राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार हो रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर भ्रम और झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा का उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाना है।

वहीं, कांग्रेस ने भाजपा के इन आरोपों को खारिज करते हुए सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने का मामला लोकतंत्र से जुड़ा गंभीर विषय है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

डॉ. प्रतिमा ने दावा किया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं और लाखों लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग वर्ष 2017, 2022 और 2024 के चुनावों में मतदान कर चुके हैं, वे अचानक अयोग्य कैसे हो सकते हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मतदान का अधिकार प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी पहले ही सफाई देकर सवालों से बचने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस ने कहा कि वह मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

फिलहाल मतदाता सूची के मुद्दे को लेकर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।