

स्थान : मसूरी
ब्यूरो रिपोर्ट

मसूरी के लक्ष्मणपुरी क्षेत्र में मस्जिद से जुड़े कथित प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर शनिवार को विवाद की स्थिति बन गई। कार्रवाई की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग मौके पर एकत्र हो गए और विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया।


प्रदर्शन के दौरान लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। मौके पर स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी तथा लोगों से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने की अपील की।



प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ भी नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि संबंधित मस्जिद करीब 200 वर्ष पुरानी है और परिसर में उनके पूर्वजों की कब्रें भी मौजूद हैं।


मुस्लिम समुदाय के लोगों का आरोप है कि जिस स्थल को वे लंबे समय से धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का मानते हैं, उसे अचानक सरकारी भूमि बताया जा रहा है। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर ऐतिहासिक अभिलेखों और राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर निर्णय लिया जाना चाहिए।
वहीं, प्रशासन की ओर से इस कार्रवाई के कारणों और भूमि की स्थिति को लेकर आधिकारिक पक्ष सामने आने का इंतजार है। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया है।

फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण की स्थिति बताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।


मामले में प्रशासन का विस्तृत आधिकारिक बयान और भूमि संबंधी अभिलेख सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों के बीच प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

