

स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

धर्मनगरी हरिद्वार में अवैध खनन का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। सावन माह और कांवड़ मेले के दौरान जहां पूरा प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलर्ट मोड पर है, वहीं दूसरी ओर शहर के नवोदय नगर क्षेत्र में रात के अंधेरे में अवैध खनन का खेल बेखौफ जारी होने के आरोप सामने आ रहे हैं।


स्थानीय लोगों के अनुसार नवोदय नगर और आसपास के क्षेत्रों में देर रात ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से अवैध खनन कर खनिज सामग्री की ढुलाई की जा रही है। आरोप है कि यह गतिविधियां लगातार रात के समय संचालित हो रही हैं, जिससे क्षेत्र के लोगों में भी चिंता बनी हुई है।



सबसे चौंकाने वाली बात यह बताई जा रही है कि कथित अवैध खनन का यह कारोबार जिला प्रशासन के कार्यालय से करीब 500 मीटर के दायरे में संचालित हो रहा है। इसके बावजूद इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही लगातार बनी रहती है, जिससे यह आशंका और गहरी हो जाती है कि अवैध खनन का कारोबार संगठित तरीके से संचालित किया जा रहा है। लोगों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर रात के अंधेरे में खनिज संपदा की खुलेआम ढुलाई किसके संरक्षण में हो रही है। यदि आरोप सही हैं तो संबंधित विभागों की निगरानी और कार्रवाई पर भी प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।

हालांकि, इस संबंध में जिला प्रशासन या खनन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। प्रशासनिक पक्ष आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।


यदि आरोपों में सच्चाई पाई जाती है, तो अवैध खनन में शामिल लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं प्रशासन से अपेक्षा है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

