चाणक्य डिफेंस कॉलेज के औचक निरीक्षण में मिलीं गंभीर खामियां, आयोग ने मांगी 10 दिन में रिपोर्ट

चाणक्य डिफेंस कॉलेज के औचक निरीक्षण में मिलीं गंभीर खामियां, आयोग ने मांगी 10 दिन में रिपोर्ट

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने कालागांव स्थित चाणक्य डिफेंस कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। आयोग के सदस्यों, बाल मनोवैज्ञानिक और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम ने संस्थान के हॉस्टल, कक्षाओं, मेस, लाइब्रेरी और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर आयोग ने नाराजगी जताई।

निरीक्षण के दौरान लड़कों के हॉस्टल की डोरमेट्री में दो-दो सीसीटीवी कैमरे लगे मिले, जिसे आयोग ने बच्चों की निजता का उल्लंघन बताते हुए तत्काल आपत्ति दर्ज की। इसके अलावा छात्रावास में शौचालयों की कमी, बालिकाओं के हॉस्टल के कमरों में दरवाजों का अभाव, सीलन, घुटन और साफ-सफाई की खराब स्थिति भी पाई गई।

टीम ने संस्थान की इन्फर्मरी का भी निरीक्षण किया, जहां डॉक्टर की जगह केवल फार्मासिस्ट मौजूद मिला। आयोग ने इसे स्वास्थ्य सुविधाओं में गंभीर लापरवाही मानते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कक्षा 11 के कई छात्रों को अपने नामांकन की जानकारी तक नहीं थी। इससे ‘डमी एडमिशन’ और छात्रों पर अत्यधिक शैक्षणिक दबाव की आशंका सामने आई। आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित दस्तावेजों की जांच के निर्देश दिए हैं।

आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने कहा कि प्रदेश में डिफेंस कोचिंग के नाम पर कई संस्थान बिना किसी प्रभावी नियामक व्यवस्था के संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि केवल जीएसटी पंजीकरण के आधार पर कंपनियों की तरह चल रहे ऐसे संस्थानों में बच्चों के हितों और अधिकारों की अनदेखी की जा रही है।

डॉ. खन्ना ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे केवल आकर्षक विज्ञापनों और वेबसाइटों को देखकर बच्चों का प्रवेश न कराएं। उन्होंने कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास के लिए सुरक्षित आवास, स्वस्थ वातावरण और बाल-मैत्रीपूर्ण माहौल को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है।

आयोग ने चाणक्य डिफेंस कॉलेज प्रबंधन को सभी कमियों को दूर करने के निर्देश देते हुए 10 दिनों के भीतर विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। आयोग ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय में आवश्यक सुधार नहीं किए गए तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।