सितारगंज तहसील में विजिलेंस की कार्रवाई, 16 हजार रुपये के साथ दो कर्मचारी पकड़े गए

सितारगंज तहसील में विजिलेंस की कार्रवाई, 16 हजार रुपये के साथ दो कर्मचारी पकड़े गए

स्थान : सितारगंज
रिपोर्टर : तनवीर आंसरी

ऊधम सिंह नगर के सितारगंज तहसील स्थित संग्रह कक्ष में बुधवार को सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने कार्रवाई करते हुए संग्रह अमीन मदन शर्मा और वरिष्ठ सहायक (बड़े बाबू) उपेंद्र राणा को 16 हजार रुपये के साथ पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद तहसील परिसर में दिनभर हलचल और चर्चाओं का माहौल बना रहा।

विजिलेंस को दी गई शिकायत के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि भूमि कुर्की के आदेश को निरस्त कराने के एवज में उससे धनराशि की मांग की गई थी। शिकायत के सत्यापन के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और संग्रह कार्यालय में कार्रवाई करते हुए दोनों कर्मचारियों को 16 हजार रुपये के साथ पकड़ लिया। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

दूसरी ओर तहसील कर्मचारियों ने विजिलेंस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे फर्जी और षड्यंत्रपूर्ण बताया। उनका कहना है कि संबंधित शिकायतकर्ता तहसील का बकायेदार है और उसके विरुद्ध राजस्व वसूली की कार्रवाई चल रही थी, जिससे नाराज होकर उसने शिकायत की।

तहसीलदार हिमांशु जोशी ने बताया कि शिकायतकर्ता पर लगभग छह लाख रुपये की आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी है और उससे बकाया राशि जमा कराने के लिए संग्रह अमीन कई बार संपर्क कर चुके थे। उनके अनुसार शिकायतकर्ता स्वयं संग्रह कार्यालय पहुंचा और 16 हजार रुपये जमा कर रसीद काटने की बात कही।

तहसीलदार का कहना है कि जैसे ही संग्रह अमीन सरकारी राशि की रसीद जारी करने की प्रक्रिया शुरू करने लगे, उसी दौरान विजिलेंस टीम पहुंच गई और दोनों कर्मचारियों को अपने साथ ले गई। उन्होंने कहा कि मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

कार्रवाई के बाद तहसील परिसर में कर्मचारियों में नाराजगी देखने को मिली, हालांकि किसी कर्मचारी ने विजिलेंस टीम का विरोध नहीं किया। तहसीलदार ने कहा कि संग्रह कक्ष में प्रतिदिन किसान एवं अन्य नागरिक बैंक, व्यापार कर, परिवहन, विद्युत सहित विभिन्न मदों की सरकारी बकाया राशि जमा करने आते हैं। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके। फिलहाल विजिलेंस मामले की जांच कर रही है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।