द्वाराहाट में दुग्ध समिति का बोनस वितरण कार्यक्रम आयोजित, भाजपा नेता आशुतोष शाही ने किया महिला सशक्तिकरण पर जोर

द्वाराहाट में दुग्ध समिति का बोनस वितरण कार्यक्रम आयोजित, भाजपा नेता आशुतोष शाही ने किया महिला सशक्तिकरण पर जोर

स्थान : द्वाराहाट
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बसेरा में दुग्ध समिति बसेरा की ओर से बोनस वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सामाजिक कार्यकर्ता एवं भाजपा नेता आशुतोष शाही ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और दुग्ध उत्पादक मौजूद रहे। कार्यक्रम में पहाड़ की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, स्वरोजगार और पलायन की समस्या पर विशेष चर्चा की गई।

ग्राम पंचायत बसेरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दुग्ध समिति से जुड़े उत्पादकों के लिए बोनस वितरण का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने दुग्ध उत्पादन को पर्वतीय क्षेत्रों में आजीविका का महत्वपूर्ण साधन बताया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि पहाड़ की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद महिलाएं मेहनत और लगन से दुग्ध उत्पादन के माध्यम से अपने परिवारों का भरण-पोषण कर रही हैं।

मुख्य अतिथि भाजपा नेता आशुतोष शाही ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पहाड़ की महिलाओं के संघर्ष और मेहनत की सराहना की। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों की विषम परिस्थितियों में रहकर अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभाने वाली महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वह उन सभी महिलाओं को नमन करते हैं, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद परिश्रम करके अपनी आजीविका चला रही हैं और अपने परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में योगदान दे रही हैं।

आशुतोष शाही ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य पहाड़ की मातृशक्ति को आगे बढ़ाना और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि जो महिलाएं अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर समाज में अलग पहचान बनाना चाहती हैं, उन्हें प्रोत्साहन और सहयोग मिलना चाहिए। महिला सशक्तिकरण केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना भी आवश्यक है।

कार्यक्रम में मौजूद स्थानीय ग्रामीणों ने सामाजिक कार्यकर्ता आशुतोष शाही के प्रयासों की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि यदि सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि इसी प्रकार पहाड़ के लोगों को स्वरोजगार और आजीविका के क्षेत्र में सहयोग प्रदान करें तो पलायन जैसी गंभीर समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि गांवों में रोजगार और आर्थिक अवसर उपलब्ध होना बेहद आवश्यक है।

ग्रामीणों का कहना था कि पहाड़ से लगातार हो रहा पलायन एक बड़ी चुनौती है। रोजगार के सीमित अवसरों और आर्थिक कठिनाइयों के कारण कई परिवारों को अपने गांव छोड़कर शहरों की ओर जाना पड़ता है। ऐसे में दुग्ध उत्पादन, पशुपालन और अन्य स्वरोजगार गतिविधियां ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने इस प्रकार के कार्यक्रमों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए उपयोगी बताया।

दुग्ध समिति बसेरा के बोनस वितरण कार्यक्रम में महिलाओं की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन की जिम्मेदारी मुख्य रूप से महिलाएं संभालती हैं। परिवार की देखभाल के साथ पशुओं का पालन-पोषण और दूध उत्पादन करना उनके दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में महिलाओं की मेहनत को पहचान और प्रोत्साहन मिलना आवश्यक है।

कार्यक्रम में पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी भी उपस्थित रहे। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों और दुग्ध समिति से जुड़े लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया। उपस्थित लोगों ने पर्वतीय क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि इस प्रकार के आयोजनों से दुग्ध उत्पादकों का उत्साह बढ़ेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसर मजबूत होंगे।

कार्यक्रम के समापन पर ग्रामीणों ने मुख्य अतिथि आशुतोष शाही सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। आशुतोष शाही ने एक बार फिर पहाड़ की मेहनतकश महिलाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य को दोहराया। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों की मातृशक्ति को मजबूत बनाकर ही गांवों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने की दिशा में सार्थक प्रयास किए जा सकते हैं। दुग्ध समिति बसेरा का यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और पलायन रोकने के प्रयासों पर केंद्रित रहा।