मसूरी में कांग्रेस के धरना प्रदर्शन के दौरान भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं में मारपीट, काले झंडे दिखाने पर बवाल

मसूरी में कांग्रेस के धरना प्रदर्शन के दौरान भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं में मारपीट, काले झंडे दिखाने पर बवाल

स्थान : मसूरी
ब्यूरो रिपोर्ट

मसूरी के जॉर्ज एवरेस्ट क्षेत्र में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के धरना-प्रदर्शन के दौरान भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर हंगामा हो गया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को काले झंडे दिखाने को लेकर दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते कहासुनी धक्का-मुक्की और मारपीट में बदल गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को स्थिति नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। घटना के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताते हुए धरना शुरू कर दिया।

जानकारी के अनुसार बुधवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल जॉर्ज एवरेस्ट क्षेत्र में भूमि से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित धरना-प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के कार्यक्रम का विरोध करते हुए गणेश गोदियाल को काले झंडे दिखाए। विरोध प्रदर्शन के दौरान दोनों राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच नारेबाजी शुरू हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

काले झंडे दिखाए जाने से शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में बढ़ गया। भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक के बाद धक्का-मुक्की और हाथापाई होने लगी। अचानक हुए इस घटनाक्रम से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों को अलग करने और स्थिति शांत कराने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने विवाद को नियंत्रित किया।

घटना के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेताओं पर अभद्रता और मारपीट करने के आरोप लगाए। भाजपा का आरोप है कि पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता और अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मसूरी भाजपा मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल के साथ अभद्र व्यवहार किया। इस घटना से नाराज भाजपा कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे।

भाजपा मसूरी मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी अपनी राजनीतिक जमीन खो चुकी है और युवाओं को भड़काने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा संविधान और देश के हितों को लेकर कार्य कर रही है, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा जिस प्रकार का व्यवहार किया गया है, उसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।

वहीं कांग्रेस की ओर से भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा गया कि लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन करना सभी का अधिकार है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब पार्टी प्रदेश हित और सरकारी भूमि से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रही थी, तब सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं द्वारा काले झंडे दिखाकर कार्यक्रम का विरोध करना उचित नहीं था। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं के विरोध के कारण ही मौके पर विवाद की स्थिति पैदा हुई।

पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता ने भाजपा मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व में जॉर्ज एवरेस्ट को बचाने के लिए धरना-प्रदर्शन करने वाले लोग अब उसी मुद्दे पर कांग्रेस के आंदोलन का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा मंडल अध्यक्ष अब वाशिंग मशीन में धुल गए हैं और उन्हें शहर के हितों की भी चिंता नहीं रह गई है। उन्होंने भाजपा के रुख पर सवाल उठाते हुए इसे विरोधाभासी बताया।

जॉर्ज एवरेस्ट क्षेत्र में भूमि को लीज पर दिए जाने का मामला पिछले कुछ समय से राजनीतिक विवाद का विषय बना हुआ है। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल उठा रही है, जबकि भाजपा कांग्रेस के आरोपों का विरोध कर रही है। इसी मुद्दे पर आयोजित धरना-प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प ने मसूरी की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज कर दिया है। दोनों दलों के नेताओं ने एक-दूसरे पर माहौल खराब करने के आरोप लगाए हैं।

घटना को लेकर भाजपा मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल की ओर से पुलिस को तहरीर भी दी गई है, जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर मारपीट और अभद्रता के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल जॉर्ज एवरेस्ट में हुई झड़प के बाद मसूरी का राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। भाजपा और कांग्रेस दोनों दल अपने-अपने पक्ष पर कायम हैं। अब पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।