

स्थान : काशीपुर
ब्यूरो रिपोर्ट


दीपावली पर्व के अवसर पर काशीपुर के ऐतिहासिक तीर्थ द्रोण सागर में भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया गया। हिंदू राष्ट्र शक्ति संगठन के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में 31 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए गए, जिससे पूरा द्रोण सागर परिसर दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। हजारों दीपों की झिलमिलाती रोशनी के बीच ऐतिहासिक तीर्थ स्थल का नजारा बेहद आकर्षक दिखाई दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर दीप प्रज्ज्वलित किए और धार्मिक आयोजन में भाग लिया।


हिंदू राष्ट्र शक्ति संगठन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय प्रभारी संजय भाटिया के नेतृत्व में आयोजित दीपोत्सव में काशीपुर नगर निगम के महापौर दीपक बाली और काशीपुर विधायक त्रिलोक सिंह चीमा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। अतिथियों ने कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए दीपोत्सव के आयोजन की सराहना की। इस दौरान द्रोण सागर परिसर में धार्मिक आस्था और उत्साह का वातावरण बना रहा।





दीपोत्सव के अवसर पर ऐतिहासिक द्रोण सागर को हजारों मिट्टी के दीयों से सजाया गया। शाम ढलते ही एक साथ प्रज्ज्वलित हुए 31 हजार दीपों की रोशनी से पूरा परिसर जगमगा उठा। दीपों की आकर्षक सजावट ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। धार्मिक आस्था से जुड़े इस आयोजन में लोगों ने अपने परिवारों के साथ पहुंचकर दीप जलाए और दीपावली पर्व की खुशियां साझा कीं।


कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीगणेश और माता लक्ष्मी की विधिवत आराधना की गई। इसके साथ ही भजन संध्या का आयोजन भी किया गया, जिसमें भक्तिमय प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। धार्मिक भजनों और दीपों की रोशनी के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।



दीपोत्सव के साथ ही शशांक जी महाराज के सानिध्य में एक दिवसीय श्रीराम कथा का भी आयोजन किया गया। कथा के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और धार्मिक मूल्यों का संदेश दिया गया। श्रद्धालुओं ने श्रीराम कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त किया। इस दौरान भगवान श्रीराम के प्रति श्रद्धा और भक्ति का भाव देखने को मिला।
मीडिया से बातचीत करते हुए हिंदू राष्ट्र शक्ति संगठन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय प्रभारी संजय भाटिया ने बताया कि संगठन द्वारा पिछले कई वर्षों से दीपावली के अवसर पर ऐतिहासिक द्रोण सागर में दीपोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष आयोजन को और भव्य स्वरूप देते हुए 31 हजार दीपक प्रज्ज्वलित किए गए हैं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को दीपावली की खुशियों और धार्मिक परंपराओं से जोड़ना है।



संजय भाटिया ने कहा कि समाज में अनेक ऐसे परिवार हैं, जो विभिन्न परिस्थितियों के कारण अपने घरों में दीपावली पर दीप नहीं जला पाते। संगठन का प्रयास है कि ऐसे परिवार भी दीपोत्सव में शामिल होकर अपने हाथों से कम से कम एक दीप प्रज्ज्वलित करें और उसे भगवान श्रीराम को समर्पित करें। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में आपसी प्रेम, एकता और समरसता बढ़ाने का भी माध्यम है।


उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के 14 वर्षों के वनवास के बाद अयोध्या लौटने पर जिस प्रकार दीप जलाकर उनका स्वागत किया गया था, उसी परंपरा को समाज के प्रत्येक घर और परिवार तक पहुंचाना संगठन का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में दीपक प्रकाश, सकारात्मकता और आशा का प्रतीक है। दीपावली का पर्व लोगों को आपसी भेदभाव भुलाकर एकजुट होने और खुशियां बांटने का संदेश देता है।
‘एक दीया मेरा भी प्रभु को समर्पित’ के संदेश के साथ आयोजित इस भव्य दीपोत्सव में धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति और सामाजिक समरसता का अनूठा संगम देखने को मिला। हजारों दीपों की रोशनी, श्रीराम कथा और भजन संध्या ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। ऐतिहासिक द्रोण सागर में आयोजित दीपोत्सव के माध्यम से संगठन ने पारंपरिक दीपावली उत्सव को सामूहिक रूप से मनाने और समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इससे जोड़ने का संदेश दिया।

