कोटद्वार विधानसभा सीट पर भाजपा में दावेदारी तेज, पूर्व जिलाध्यक्ष बीरेंद्र रावत ने जताई चुनाव लड़ने की इच्छा

कोटद्वार विधानसभा सीट पर भाजपा में दावेदारी तेज, पूर्व जिलाध्यक्ष बीरेंद्र रावत ने जताई चुनाव लड़ने की इच्छा

स्थान : कोटद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। कोटद्वार विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी के भीतर संभावित प्रत्याशियों की दावेदारी को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बीरेंद्र सिंह रावत ने कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्याशी चयन को लेकर पार्टी हाईकमान का निर्णय उनके लिए सर्वोपरि होगा और वह संगठन के फैसले का सम्मान करेंगे।

भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बीरेंद्र रावत ने आगामी विधानसभा चुनाव में स्थानीय प्रत्याशी को टिकट दिए जाने की पैरवी की है। उन्होंने कहा कि कोटद्वार विधानसभा सीट पर स्थानीय व्यक्ति को उम्मीदवार बनाए जाने से पार्टी को फायदा मिल सकता है। रावत ने दावा किया कि यदि भाजपा किसी स्थानीय नेता को प्रत्याशी बनाती है तो चुनाव में जीत का अंतर दोगुना हो सकता है। उनके इस बयान के बाद भाजपा के भीतर संभावित टिकट दावेदारों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

बीरेंद्र रावत ने कहा कि स्थानीय प्रत्याशी क्षेत्र की समस्याओं, जनता की जरूरतों और विकास से जुड़े मुद्दों को बेहतर तरीके से समझ सकता है। उनके मुताबिक स्थानीय स्तर पर सक्रिय रहने वाले नेताओं का जनता से लगातार संपर्क बना रहता है। उन्होंने स्थानीय उम्मीदवार को प्राथमिकता देने की बात कही, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि टिकट वितरण का अंतिम अधिकार पार्टी नेतृत्व के पास है।

उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी के संगठन से जुड़े रहे हैं और पार्टी की नीतियों के अनुरूप कार्य करते आए हैं। आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी भी चुनाव लड़ने की इच्छा है, लेकिन व्यक्तिगत दावेदारी से ऊपर पार्टी और संगठन का निर्णय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी हाईकमान जिसे भी प्रत्याशी बनाएगा, उसका निर्णय उन्हें स्वीकार होगा।

गौरतलब है कि वर्तमान में कोटद्वार विधानसभा सीट से भाजपा की ऋतु खंडूरी भूषण विधायक हैं। वह उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष का दायित्व भी संभाल रही हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के रूप में कोटद्वार सीट पर जीत दर्ज की थी। ऐसे में आगामी चुनाव के लिए स्थानीय प्रत्याशी को टिकट दिए जाने की मांग को उनकी संभावित पुनः दावेदारी के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

बीरेंद्र रावत के बयान के बाद कोटद्वार की राजनीति में भाजपा के टिकट को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी आगामी विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि भाजपा वर्तमान विधायक ऋतु खंडूरी भूषण पर दोबारा भरोसा जताएगी या किसी अन्य नेता को चुनाव मैदान में उतारेगी।

राजनीतिक हलकों में स्थानीय बनाम बाहरी प्रत्याशी के मुद्दे पर भी चर्चा होने लगी है। बीरेंद्र रावत द्वारा स्थानीय उम्मीदवार की पैरवी किए जाने के बाद इस विषय को आगामी टिकट वितरण से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि स्थानीय उम्मीदवार की मांग का पार्टी के अंतिम निर्णय पर कितना प्रभाव पड़ेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। भाजपा नेतृत्व की ओर से इस संबंध में कोई अंतिम घोषणा सामने नहीं आई है।

कोटद्वार विधानसभा सीट प्रदेश की महत्वपूर्ण सीटों में शामिल है। यहां वर्ष 2027 के चुनाव को लेकर विभिन्न राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुटे हैं। भाजपा के भीतर भी संभावित प्रत्याशियों को लेकर गतिविधियां बढ़ रही हैं। ऐसे में पूर्व जिलाध्यक्ष बीरेंद्र रावत की ओर से चुनाव लड़ने की इच्छा जताया जाना आगामी प्रत्याशी चयन की चर्चाओं में एक नया घटनाक्रम माना जा रहा है।

फिलहाल कोटद्वार विधानसभा सीट पर भाजपा के टिकट को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। एक ओर वर्तमान विधायक एवं विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण हैं, तो दूसरी ओर पूर्व जिलाध्यक्ष बीरेंद्र रावत ने भी अपनी चुनावी इच्छा सार्वजनिक कर दी है। हालांकि रावत ने पार्टी हाईकमान के फैसले को सर्वोपरि बताया है। अब आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा किसे प्रत्याशी बनाती है, यह पार्टी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।