गन्ना किसानों को बड़ी राहत का भरोसा, 8 से 10 दिन में होगा भुगतान, राज्यमंत्री मंजीत सिंह ने ली जिम्मेदारी

गन्ना किसानों को बड़ी राहत का भरोसा, 8 से 10 दिन में होगा भुगतान, राज्यमंत्री मंजीत सिंह ने ली जिम्मेदारी

स्थान : बाज़पुर
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड की चीनी मिलों में आगामी गन्ना पिराई सत्र शुरू होने से पहले गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। गन्ना राज्यमंत्री मंजीत सिंह ने किसानों को आश्वस्त किया है कि इस बार चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति करने के बाद आठ से दस दिन के भीतर गन्ना मूल्य का भुगतान कराने की जिम्मेदारी वह स्वयं लेंगे। उन्होंने किसानों से बिना किसी संकोच के सहकारी चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति करने की अपील की है।

प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों में गन्ना पिराई सत्र शुरू होने जा रहा है। ऐसे में किसानों को समय पर गन्ना मूल्य का भुगतान सुनिश्चित करना एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है। पिछले वर्षों में भुगतान में देरी होने के कारण बड़ी संख्या में किसानों ने सहकारी चीनी मिलों के बजाय निजी चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति करना अधिक उचित समझा। इसका सीधा असर सहकारी चीनी मिलों के संचालन पर पड़ा।

विशेष रूप से बाजपुर सहित प्रदेश की अन्य सहकारी चीनी मिलों को पर्याप्त मात्रा में गन्ना उपलब्ध नहीं होने के कारण पिराई सत्र अपेक्षाकृत कम दिनों में समाप्त करना पड़ा। पर्याप्त गन्ना नहीं मिलने से मिलों की पिराई क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो पाया। इससे सहकारी चीनी मिलों के संचालन और किसानों के साथ उनके संबंधों पर भी असर पड़ा।

गन्ना राज्यमंत्री मंजीत सिंह ने कहा कि वह स्वयं किसान हैं और खेती-किसानी से जुड़ी समस्याओं को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के सामने समय पर गन्ना मूल्य का भुगतान मिलना सबसे महत्वपूर्ण विषयों में से एक है। भुगतान में देरी होने से किसानों को अगली फसल की तैयारी, खाद, बीज और अन्य कृषि कार्यों के लिए आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

राज्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि इस पिराई सत्र में गन्ना मूल्य का भुगतान आठ से दस दिन की अवधि के भीतर कराने की जिम्मेदारी वह स्वयं लेते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को भुगतान के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े, इसके लिए प्रयास किए जाएंगे। किसानों के आर्थिक हितों की रक्षा करना उनकी प्राथमिकता है।

मंजीत सिंह ने कहा कि सहकारी चीनी मिलों के सुचारु संचालन के लिए किसानों का सहयोग बेहद आवश्यक है। यदि किसान पर्याप्त मात्रा में गन्ना सहकारी मिलों को उपलब्ध कराएंगे तो पिराई सत्र बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा। इससे मिलों की कार्यक्षमता बढ़ाने और किसानों को नियमित रूप से गन्ना आपूर्ति करने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने किसानों से अपील की कि पिछले वर्षों में भुगतान में हुई देरी को लेकर किसी प्रकार की आशंका न रखें और इस बार निसंकोच सहकारी चीनी मिलों को अपना गन्ना उपलब्ध कराएं। राज्यमंत्री ने कहा कि किसानों का भरोसा बनाए रखना जरूरी है और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की दिशा में गंभीरता से प्रयास किए जाएंगे।

बाजपुर सहित अन्य सहकारी चीनी मिलों के लिए आगामी पिराई सत्र महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले वर्षों में गन्ने की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने से मिलों का संचालन सीमित अवधि तक ही हो पाया था। ऐसे में इस बार किसानों को समय पर भुगतान का आश्वासन मिलने से सहकारी चीनी मिलों में गन्ने की आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

फिलहाल गन्ना पिराई सत्र शुरू होने से पहले राज्यमंत्री मंजीत सिंह के आश्वासन ने किसानों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। हालांकि आठ से दस दिन के भीतर भुगतान की व्यवस्था कितनी प्रभावी साबित होती है, यह पिराई सत्र शुरू होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। अब किसानों की नजर सहकारी चीनी मिलों के संचालन और गन्ना मूल्य के समयबद्ध भुगतान पर रहेगी।