
स्थान : भीमताल
ब्यूरो रिपोर्ट


भीमताल विधानसभा क्षेत्र के सुंदरखाल में कथित अवैध खनन और पहाड़ कटान का मामला सामने आया है। उत्तराखंड क्रांति दल के नेता एवं भीमताल विधानसभा से विधायक प्रत्याशी रहे नीरज बिष्ट ने क्षेत्र में जेसीबी मशीन से बिना अनुमति पहाड़ काटे जाने का आरोप लगाते हुए मौके पर पहुंचकर विरोध जताया। इस दौरान उन्होंने जेसीबी की चाबी अपने कब्जे में ले ली और संबंधित अधिकारियों को मामले की जानकारी देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।


जानकारी के अनुसार उत्तराखंड क्रांति दल के नेता नीरज बिष्ट अपने कार्यकर्ताओं के साथ भीमताल विधानसभा क्षेत्र के भ्रमण पर थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि सुंदरखाल क्षेत्र में जेसीबी मशीन के माध्यम से कथित तौर पर बिना अनुमति पहाड़ों का कटान किया जा रहा है। सूचना मिलते ही वह उक्रांद कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और वहां चल रहे कार्य का विरोध किया।





नीरज बिष्ट के अनुसार मौके पर एक जेसीबी मशीन पहाड़ कटान के कार्य में लगी हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में नियमों की अनदेखी कर अवैध खनन और पहाड़ों का कटान किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने जेसीबी की चाबी अपने कब्जे में लेकर कार्य रुकवा दिया। हालांकि, संबंधित कार्य के लिए अनुमति थी या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी।


मौके पर मौजूद नीरज बिष्ट ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से संपर्क कर कथित अवैध खनन की जानकारी दी। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि बिना अनुमति पहाड़ कटान किया जा रहा है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को लेकर प्रशासन को गंभीरता दिखानी चाहिए।



इस दौरान नीरज बिष्ट ने कहा, “हम अपने पहाड़ों को न कटने देंगे, न बिकने देंगे। पहाड़ हमारी मां है और मां को बेचने वालों को उत्तराखंड क्रांति दल कभी बख्शेगा नहीं।” उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पहाड़ प्रदेश की प्राकृतिक पहचान और विरासत हैं। इनके संरक्षण के लिए उक्रांद लगातार आवाज उठाता रहेगा और प्राकृतिक संसाधनों के कथित अवैध दोहन का विरोध करेगा।
उक्रांद नेता ने आरोप लगाया कि भीमताल विधानसभा क्षेत्र में अवैध खनन की गतिविधियां पहाड़ों और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि अनियंत्रित पहाड़ कटान से पर्वतीय क्षेत्रों का प्राकृतिक स्वरूप प्रभावित होता है। ऐसे मामलों में संबंधित विभागों को नियमित निगरानी रखनी चाहिए, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई की जा सके।



नीरज बिष्ट ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सुंदरखाल में कथित अवैध खनन और पहाड़ कटान के मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो उत्तराखंड क्रांति दल आंदोलन करने को बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि संगठन पहाड़ों के संरक्षण के मुद्दे पर किसी तरह का समझौता नहीं करेगा। जरूरत पड़ने पर पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

इस दौरान उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय सचिव गंगा सिंह मेहरा, यूएसएफ के केंद्रीय उपाध्यक्ष कपिल मेहता, विधानसभा अध्यक्ष चंद्र प्रकाश, विधानसभा उपाध्यक्ष करन चौसाली, विधानसभा महामंत्री मुकेश चंद्र रूवाली और केंद्रीय मीडिया प्रभारी सुजल पवार सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने भी कथित अवैध पहाड़ कटान पर नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रशासन से मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की।
सुंदरखाल में सामने आए इस मामले ने एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों में खनन गतिविधियों और पहाड़ कटान की निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। उत्तराखंड क्रांति दल ने प्रशासन से संबंधित स्थल की जांच कराने, अनुमति संबंधी दस्तावेजों की पड़ताल करने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल मामले में प्रशासन की ओर से की गई किसी कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

