कोटद्वार में घर के आंगन से 8 वर्षीय बच्ची को उठा ले गया गुलदार, मां ने जान पर खेलकर चंगुल से छुड़ाया

कोटद्वार में घर के आंगन से 8 वर्षीय बच्ची को उठा ले गया गुलदार, मां ने जान पर खेलकर चंगुल से छुड़ाया

स्थान : कोटद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जनपद के कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र में गुलदार का आतंक लगातार लोगों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। नगर निगम के स्नेह क्षेत्र में देर शाम घर के आंगन में खेल रही आठ वर्षीय मासूम बच्ची पर गुलदार ने अचानक हमला कर दिया। गुलदार बच्ची को अपने जबड़ों में दबाकर जंगल की ओर ले जाने लगा। हालांकि, बच्ची की मां ने अदम्य साहस दिखाते हुए गुलदार का पीछा किया और डंडे से हमला कर अपनी बेटी को उसके चंगुल से छुड़ा लिया।

जानकारी के अनुसार घटना देर शाम करीब सात बजे की है। स्नेह क्षेत्र में आठ वर्षीय सान्वी अपनी मां के साथ घर के आंगन में मौजूद थी। इसी दौरान जंगल की ओर से अचानक आए गुलदार ने मासूम बच्ची पर हमला कर दिया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, गुलदार बच्ची को जबड़ों में दबाकर जंगल की ओर भागने लगा। अचानक हुई इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

बच्ची की चीख सुनकर उसकी मां ने बिना समय गंवाए गुलदार का पीछा करना शुरू कर दिया। अपनी बेटी को गुलदार के जबड़ों में देखकर मां ने साहस का परिचय दिया और हाथ में डंडा लेकर गुलदार के पीछे दौड़ पड़ी। इस दौरान मां ने गुलदार पर डंडे से वार किया, जिससे गुलदार की पकड़ ढीली पड़ गई और बच्ची उसके चंगुल से छूट गई।

मां के साहस और लगातार किए गए प्रयासों के बाद गुलदार बच्ची को छोड़कर घने जंगल की ओर भाग गया। इसके बाद मां ने अपनी घायल बेटी को संभाला और परिजनों की सहायता से तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। इस घटना में मां की सूझबूझ और बहादुरी से मासूम सान्वी की जान बच गई।

घटना के तुरंत बाद परिजन घायल बच्ची को राजकीय बेस अस्पताल कोटद्वार लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया। गुलदार के हमले में बच्ची के गले पर जख्म आए हैं। अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल बच्ची की हालत सामान्य बताई जा रही है।

आठ वर्षीय बच्ची पर हुए इस हमले के बाद स्नेह क्षेत्र के लोगों में भय और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आबादी वाले क्षेत्रों में जंगली जानवरों की आवाजाही लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। विशेष रूप से छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए घरों के आसपास भी खतरा बढ़ गया है।

स्थानीय ग्रामीणों ने घटना पर नाराजगी जताते हुए वन विभाग से गुलदार के आतंक से तत्काल निजात दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ी जनहानि हो सकती है। लोगों ने हमलावर गुलदार को मारने की मांग करते हुए क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की आवश्यकता जताई है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि शाम होते ही घरों से बाहर निकलना जोखिम भरा हो गया है। उन्होंने वन विभाग से प्रभावित क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, गुलदार की गतिविधियों पर निगरानी रखने और उसे आबादी से दूर करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

वहीं, इस घटना ने एक बार फिर पर्वतीय और वन क्षेत्रों से सटी आबादी में मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या को सामने ला दिया है। घर के आंगन में खेल रही मासूम बच्ची पर गुलदार का हमला लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल घायल बच्ची का कोटद्वार बेस अस्पताल में उपचार जारी है, जबकि क्षेत्र के लोग वन विभाग से जल्द प्रभावी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।