रामनगर में 82 मकानों पर चला बुलडोजर, अतिक्रमण हटाने के दौरान महिला की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती

रामनगर में 82 मकानों पर चला बुलडोजर, अतिक्रमण हटाने के दौरान महिला की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती

स्थान : रामनगर
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड के रामनगर में तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अपर कोसी क्षेत्र में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने शनिवार सुबह बड़ा अभियान शुरू किया। सुबह करीब 6:30 बजे भारी पुलिस बल, जिला प्रशासन और वन विभाग की मौजूदगी में बुलडोजर कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान कच्चे और पक्के मकानों को ध्वस्त किया जा रहा है। प्रशासन की इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। वहीं अतिक्रमण हटाने के दौरान एक महिला की अचानक तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया।

अपर कोसी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने का यह अभियान दूसरे चरण के तहत चलाया जा रहा है। प्रशासन की इस कार्रवाई में करीब 80 से 82 परिवारों के मकानों को हटाया जा रहा है। अभियान को देखते हुए पूरे इलाके में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस और सुरक्षा बलों के साथ अग्निशमन विभाग की टीम, वन विभाग तथा जिला प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर तैनात हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।

कार्रवाई शुरू होने से पहले ही प्रभावित परिवारों में बेचैनी का माहौल था। शुक्रवार देर रात से कई परिवारों ने अपने मकानों को खुद ही तोड़ना शुरू कर दिया था। लोग अपने घरों से ईंटें, दरवाजे, खिड़कियां और अन्य जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाते दिखाई दिए। वर्षों से बसे आशियानों को टूटता देख कई परिवार भावुक हो गए। महिलाओं और बच्चों की आंखों में आंसू थे, जबकि परिवारों के सामने रहने और घरेलू सामान को सुरक्षित रखने की चुनौती खड़ी हो गई।

बताया जा रहा है कि इससे पहले वर्ष 2025 में अतिक्रमण हटाओ अभियान के पहले चरण में करीब 51 परिवारों को हटाया गया था। अब दूसरे चरण में 90 से अधिक परिवारों को हटाने की कार्रवाई प्रस्तावित थी। हालांकि, लगभग 9 से 10 परिवारों के मामले उच्च न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण फिलहाल उन्हें इस अभियान से अलग रखा गया है। शेष चिन्हित अतिक्रमणों को हटाने के लिए प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जा रही है।

इसी बीच बुलडोजर कार्रवाई के दौरान 45 वर्षीय फात्मा नाम की महिला की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजनों के अनुसार महिला को दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रशासनिक टीम ने तत्काल एंबुलेंस की सहायता से महिला को रामनगर के रामदत्त संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया, जहां उसका उपचार चल रहा है। महिला की तबीयत बिगड़ने की घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों और प्रभावित परिवारों में चिंता का माहौल बन गया।

महिला के पुत्र शादाब ने बताया कि उनका परिवार शुक्रवार देर रात से ही घर का सामान हटाने में जुटा हुआ था। शनिवार सुबह जब प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की तो इसी दौरान उनकी मां फात्मा की अचानक तबीयत खराब हो गई। शादाब के अनुसार उनकी मां को दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद तत्काल मौके पर मौजूद एंबुलेंस से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल महिला का उपचार जारी है। हालांकि, हार्ट अटैक की चिकित्सकीय पुष्टि के संबंध में अस्पताल की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

वहीं दूसरी ओर प्रशासन की कार्रवाई से प्रभावित परिवारों के सामने आवास का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। घरों को टूटता देख महिलाएं और बच्चे रोते-बिलखते नजर आए। प्रभावित लोगों का कहना है कि ठंड के मौसम में परिवार और छोटे बच्चों को लेकर आखिर वे कहां जाएंगे। कई परिवारों ने अपने मकानों से जरूरी सामान निकाल लिया है, लेकिन उनके सामने सुरक्षित ठिकाने की तलाश बड़ी चुनौती बनी हुई है। प्रभावित परिवारों की परेशानी और भविष्य की अनिश्चितता ने इस पूरे अभियान के मानवीय पहलू को भी सामने ला दिया है।

फिलहाल रामनगर के अपर कोसी क्षेत्र में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी है। प्रशासन की ओर से भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चिन्हित मकानों को हटाया जा रहा है। एक ओर प्रशासन वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई कर रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रभावित परिवार अपने आशियाने टूटने से परेशान हैं। इस बीच महिला की तबीयत बिगड़ने और अस्पताल में भर्ती होने की घटना ने पूरे अभियान के दौरान लोगों की मुश्किलों को और उजागर कर दिया है। अब प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उनके रहने की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।