लोहाघाट डिपो के 250 से अधिक रोडवेज कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, बस संचालन प्रभावित होने की आशंका

लोहाघाट डिपो के 250 से अधिक रोडवेज कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, बस संचालन प्रभावित होने की आशंका

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड परिवहन निगम के लोहाघाट डिपो में संविदा और विशेष श्रेणी के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। निगम अधिकारियों के साथ वार्ता विफल होने के बाद शुक्रवार, 30 अक्टूबर से उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के बैनर तले करीब 250 से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। दीपावली पर्व से पहले कर्मचारियों के इस आंदोलन से रोडवेज बसों के संचालन पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। वहीं त्योहार के दौरान घर आने-जाने वाले यात्रियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष महिपाल सिंह के नेतृत्व में कर्मचारियों ने परिवहन निगम कार्यालय लोहाघाट परिसर में सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने लंबे समय से लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई। कर्मचारियों का कहना है कि वे लगातार अपनी समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार और परिवहन निगम प्रबंधन की ओर से अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है।

यूनियन अध्यक्ष महिपाल सिंह ने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण होने तक विशेष श्रेणी, संविदा एवं एजेंसी के चालक-परिचालकों तथा विशेष श्रेणी के तकनीकी कर्मचारियों को उपनल कर्मचारियों के समान प्रतिमाह 30,447 रुपये का भुगतान करना शामिल है। इसके अलावा कर्मचारियों ने परिवहन निगम में ठेका प्रथा समाप्त करने और सभी पात्र कर्मचारियों को नियमित करने की दिशा में कदम उठाने की मांग की है।

कर्मचारियों ने प्रत्येक माह की सात तारीख से पहले वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने और सभी लंबित देयकों का तत्काल निस्तारण करने की मांग भी उठाई है। यूनियन का कहना है कि हिमाचल प्रदेश रोडवेज की तर्ज पर उत्तराखंड परिवहन निगम के कर्मचारियों के वेतन का भुगतान राजकीय कोष से किया जाना चाहिए, ताकि कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल सके और आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

यूनियन अध्यक्ष ने परिवहन निगम की बसों की कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मांग की कि आगामी हरिद्वार कुंभ मेले के आयोजन से पहले उत्तराखंड परिवहन निगम के बेड़े में कम से कम 500 नई बसें शामिल की जाएं। इसके साथ ही बदहाल स्थिति से जूझ रहे लोहाघाट डिपो को तत्काल नई बसें उपलब्ध कराई जाएं और परिवहन निगम कार्यालय के लिए नए भवन का निर्माण जल्द शुरू कराया जाए।

महिपाल सिंह ने आरोप लगाया कि रोडवेज कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन न तो सरकार उनकी समस्याओं पर गंभीरता दिखा रही है और न ही निगम प्रबंधन कोई सकारात्मक निर्णय ले रहा है। उन्होंने कहा कि निगम अधिकारियों के साथ हुई वार्ता विफल होने के बाद कर्मचारियों को अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लेना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि इस आंदोलन को अन्य कर्मचारी यूनियनों का भी समर्थन प्राप्त है।

इधर, लोहाघाट डिपो के स्टेशन प्रभारी जगदीश नारायण ने बताया कि मांगों को लेकर डिपो के अधिकांश संविदा और विशेष श्रेणी के चालक-परिचालक हड़ताल पर चले गए हैं। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को किसी तरह बसों के संचालन की व्यवस्था संभाल ली गई, लेकिन हड़ताल जारी रहने की स्थिति में अगले दिन से बस सेवाओं के संचालन में गंभीर समस्याएं सामने आ सकती हैं। चालकों और परिचालकों की कमी से कई बस सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है।

दीपावली पर्व के चलते इन दिनों रोडवेज बसों में यात्रियों की भीड़ बढ़ रही है। ऐसे समय में कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल परिवहन निगम और यात्रियों दोनों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। स्टेशन प्रभारी के अनुसार, यदि जल्द हड़ताल समाप्त नहीं हुई तो बसों का संचालन प्रभावित होने के साथ निगम की आय पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। फिलहाल कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और हड़ताल कब समाप्त होगी, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। अब यात्रियों और कर्मचारियों की निगाहें सरकार तथा परिवहन निगम प्रबंधन के अगले कदम पर टिकी हैं।