विकासनगर में खनन माफियाओं पर प्रशासन का शिकंजा, जबरन छुड़ाए गए दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पकड़ीं

विकासनगर में खनन माफियाओं पर प्रशासन का शिकंजा, जबरन छुड़ाए गए दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पकड़ीं

स्थान : विकासनगर (देहरादून)
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड के विकासनगर क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। डाकपत्थर बैराज के पास यमुना नदी में अवैध खनन रोकने पहुंची खनन विभाग की टीम को खनन माफियाओं की दबंगई का सामना करना पड़ा। आरोप है कि कार्रवाई के दौरान दबंगों ने सरकारी अधिकारियों को धमकाते हुए सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की और पकड़ी गई दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जबरन छुड़ाकर हिमाचल प्रदेश की सीमा की ओर भगा दिया।

बीते 29 अक्टूबर को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर डाकपत्थर बैराज क्षेत्र में अवैध खनन किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत का संज्ञान लेते हुए खनन विभाग की टीम मौके पर जांच और कार्रवाई के लिए पहुंची। इस दौरान टीम को यमुना नदी में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से अवैध खनन होता मिला। अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को पकड़ लिया।

खनन विभाग की कार्रवाई शुरू होते ही मौके पर अचानक बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। आरोप है कि इनमें शामिल कुछ दबंगों ने अधिकारियों पर दबाव बनाने का प्रयास किया और उन्हें खुलेआम धमकाया। इस दौरान सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए पकड़ी गई दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जबरन छुड़ा लिया गया। इसके बाद वाहन चालक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को लेकर हिमाचल प्रदेश की सीमा की ओर फरार हो गए।

सरकारी अधिकारियों के साथ हुई इस घटना ने क्षेत्र में अवैध खनन और खनन माफियाओं की सक्रियता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासनिक टीम के सामने ही पकड़े गए वाहनों को छुड़ाकर ले जाने की घटना को गंभीरता से लिया गया। मामले में विकासनगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों और फरार वाहनों की तलाश शुरू कर दी।

मामले की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी आशीष चौहान ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम सक्रिय हो गई। अवैध खनन में इस्तेमाल किए गए वाहनों की बरामदगी के लिए पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश देने की कार्रवाई शुरू की।

पुलिस ने 31 अक्टूबर को कार्रवाई करते हुए जबरन छुड़ाकर ले जाई गई दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को पकड़ लिया। प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध खनन के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पकड़े गए वाहनों के संबंध में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं सरकारी काम में बाधा डालने और अधिकारियों को धमकाने के आरोपों की भी जांच की जा रही है।

डाकपत्थर बैराज और यमुना नदी के आसपास अवैध खनन की शिकायतें प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। नदी क्षेत्र में अवैध खनन से सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचने के साथ पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। ऐसे में प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध खनन में लिप्त लोगों को सख्त संदेश देने का प्रयास किया गया है।

विकासनगर में हुई इस घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की सख्ती से अवैध खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति बताई जा रही है। अधिकारियों के सामने से जबरन छुड़ाए गए वाहनों की बरामदगी के बाद अब पूरे घटनाक्रम में शामिल लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई पर नजरें टिकी हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से स्पष्ट संकेत मिला है कि अवैध खनन और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है।