
स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

धर्मनगरी हरिद्वार में विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी भगवान चित्रगुप्त की कथा का भव्य आयोजन किया जाएगा। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा उत्तराखंड की ओर से 1 और 2 नवंबर को आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय कार्यक्रम में भगवान चित्रगुप्त की कथा, मां गंगा की आरती, भजन संध्या, स्वास्थ्य शिविर और विशाल भंडारे सहित विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से कायस्थ समाज के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

अखिल भारतीय कायस्थ महासभा उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि भगवान चित्रगुप्त की कथा का आयोजन हरिद्वार के भूपतवाला स्थित चित्रकूट आश्रम के सामने गंगा घाट पर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि संस्था की उत्तराखंड टीम ने पहली बार ऋषिकेश से भगवान चित्रगुप्त की कथा आयोजन की परंपरा शुरू की थी, जो निरंतर जारी है। इस धार्मिक आयोजन का उद्देश्य भगवान चित्रगुप्त के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने के साथ समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाना है।




प्रदेश अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने बताया कि भगवान चित्रगुप्त की कथा चित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज द्वारा की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वामी सच्चिदानंद महाराज लंबे समय से भगवान चित्रगुप्त की कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को धार्मिक और आध्यात्मिक संदेश देते आ रहे हैं। इस पावन आयोजन में उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। कार्यक्रम को लेकर महासभा के पदाधिकारी तैयारियों में जुटे हुए हैं।


आयोजन समिति के अनुसार 1 नवंबर को दोपहर 3 बजे से भजन-कीर्तन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी। इसके बाद शाम 5 बजे गंगा तट पर मां गंगा की आरती की जाएगी। आरती के उपरांत शाम 7 बजे से चित्रकूट आश्रम में भगवान चित्रगुप्त की कथा प्रारंभ होगी, जो लगभग रात 10 बजे तक चलेगी। कथा के समापन के बाद चित्रकूट घाट पर श्रद्धालुओं के लिए भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है।

धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक सेवा को भी विशेष महत्व दिया गया है। महासभा की ओर से 1 नवंबर को चित्रकूट आश्रम में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया जाएगा। इस शिविर में लोगों के स्वास्थ्य की जांच के साथ रक्त परीक्षण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा जरूरतमंद लोगों को दवाइयां वितरित करने की भी व्यवस्था की जा रही है। आयोजकों का कहना है कि धार्मिक गतिविधियों के साथ समाजसेवा के कार्यों को आगे बढ़ाना भी संस्था का प्रमुख उद्देश्य है।

कार्यक्रम के दूसरे दिन यानी 2 नवंबर को अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेगी। महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुबोध कांत सहाय के नेतृत्व में आयोजित होने वाली इस बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारी शामिल होंगे। बैठक में संगठन की गतिविधियों, समाज के उत्थान, शिक्षा, संस्कृति और संगठनात्मक विस्तार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किए जाने की संभावना है।



प्रदेश अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने कहा कि भगवान चित्रगुप्त की कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करने और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति तथा परंपराओं से जोड़ने का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय कायस्थ महासभा धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस वर्ष भी कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे और आयोजन सफल रहेगा।

इस अवसर पर महासभा के संरक्षक अतुल श्रीवास्तव, राजनीतिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रवि शरण, शिक्षा एवं संस्कृति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पीयूष निगम, महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष अनीता सक्सेना, प्रदेश संगठन मंत्री सुशील सक्सेना, प्रदेश कोषाध्यक्ष नितेश सक्सेना, सुमित रावत, शुभम कोटनाला और सचिन सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी पदाधिकारियों ने कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर चर्चा की और श्रद्धालुओं से 1 नवंबर को हरिद्वार पहुंचकर भगवान चित्रगुप्त की कथा, गंगा आरती और भंडारे में शामिल होने की अपील की।

