
स्थान : बदरीनाथ (चमोली)
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड के चमोली जिले में शुक्रवार को एक बड़ा हेलिकॉप्टर हादसा सामने आया है। बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्रधारा हेलीपैड के लिए उड़ान भरने वाला ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का हेलिकॉप्टर जोशीमठ के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हेलिकॉप्टर का कॉल साइन VT-HCX बताया गया है। उड़ान के दौरान अचानक संपर्क टूटने और ट्रैकिंग सिस्टम से लोकेशन गायब होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय सेना, चमोली जिला प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमों को तत्काल खोज एवं बचाव अभियान के लिए रवाना किया गया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के हेलिकॉप्टर ने शुक्रवार दोपहर लगभग 1 बजकर 14 मिनट पर बदरीनाथ धाम से सहस्रधारा, देहरादून के लिए उड़ान भरी थी। हेलिकॉप्टर जब जोशीमठ घाटी के ऊपर उड़ान भर रहा था, उसी दौरान उसका संपर्क अचानक टूट गया। इसके साथ ही ट्रैकिंग सिस्टम भी हेलिकॉप्टर की वर्तमान स्थिति बताने में असमर्थ हो गया। काफी प्रयासों के बाद भी हेलिकॉप्टर से दोबारा संपर्क स्थापित नहीं हो सका।




हेलिकॉप्टर का संपर्क टूटने की सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों ने तत्काल चमोली जिला प्रशासन को घटना से अवगत कराया। इसके बाद भारतीय सेना, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल और स्थानीय प्रशासन की टीमों को सक्रिय किया गया। जोशीमठ घाटी और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में हेलिकॉप्टर की तलाश शुरू की गई। प्रारंभिक चरण में हेलिकॉप्टर की सटीक लोकेशन नहीं मिलने के कारण बचाव दलों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

इसी बीच सामने आई ताजा जानकारी के अनुसार हेलिकॉप्टर जोशीमठ के समीप चाईं गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी हेलिकॉप्टर दुर्घटना की पुष्टि की है। उन्होंने घटना पर चिंता जताते हुए संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखने तथा हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए कहा है।


मीडिया रिपोर्टों के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर में पायलट सहित कुल छह लोग सवार थे। इनमें पांच यात्री और एक पायलट शामिल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद हेलिकॉप्टर में सवार लोगों की स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई है। राहत एवं बचाव दल घटनास्थल तक पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई में जुटे हैं। यात्रियों की पहचान और उनकी स्थिति को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
जोशीमठ और आसपास के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बदलता मौसम भी राहत एवं बचाव कार्य के लिए चुनौती बना हुआ है। पहाड़ी भूभाग और खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर की तलाश तथा घटनास्थल तक पहुंचने में कठिनाइयां सामने आ रही हैं। प्रशासन की ओर से संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर राहत अभियान चलाया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द स्थिति स्पष्ट हो सके।



घटना को गंभीरता से लेते हुए एहतियात के तौर पर ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के सभी हेलिकॉप्टरों की उड़ानों पर रोक लगाए जाने की जानकारी दी गई है। हेलिकॉप्टर की सुरक्षा और संचालन से जुड़े पहलुओं की जांच किए जाने की संभावना है। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों के बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। तकनीकी खराबी, मौसम अथवा किसी अन्य कारण की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।

फिलहाल जोशीमठ के पास हुए हेलिकॉप्टर हादसे को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। घटना के बाद चारधाम यात्रा में संचालित हेलिकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन की प्राथमिकता हेलिकॉप्टर में सवार लोगों की स्थिति का पता लगाना और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है। अब बचाव अभियान और आधिकारिक जांच के बाद ही हादसे की पूरी परिस्थितियां सामने आ सकेंगी।

