
स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

जनपद के भीगराड़ा क्षेत्र में स्थित कानूनगो चौकी से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन में हलचल मच गई है। उत्तराखंड क्रांति दल के नेता दरबार रजवार द्वारा वायरल किए गए वीडियो में कानूनगो चौकी का कमरा खुला होने, सामान बिखरा होने और परिसर में शराब की बोतलें मिलने का दावा किया गया है। वीडियो सामने आने के बाद जिलाधिकारी मनीष कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश जारी किए हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में कानूनगो चौकी की स्थिति को लेकर सवाल उठाए गए हैं। वीडियो में भवन के भीतर सामान अस्त-व्यस्त होने और शराब की बोतलें मौजूद होने का दावा किया गया है। इसके साथ ही चौकी परिसर में कथित रूप से पुराने सरकारी दस्तावेज पड़े होने की बात भी सामने आई है। वीडियो वायरल होने के बाद सरकारी भवनों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।




जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि वीडियो संज्ञान में आते ही तत्काल उपजिलाधिकारी पाटी को मौके पर भेजा गया। एसडीएम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन किसी भी प्रकार की लापरवाही या सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग को गंभीरता से लेता है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संबंधित कानूनगो चौकी का भवन काफी पुराना और जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है। वर्तमान में इस भवन की मरम्मत और जीर्णोद्धार का कार्य चल रहा है। उन्होंने बताया कि भवन में फिलहाल किसी भी राजस्व कर्मचारी या कानूनगो का निवास नहीं है और न ही यहां नियमित रूप से किसी कर्मचारी द्वारा कार्यालय का संचालन किया जा रहा है।


प्रशासन की शुरुआती जांच में यह आशंका भी सामने आई है कि कुछ शरारती तत्वों द्वारा पूर्व में इस भवन में तोड़फोड़ की गई थी और इसका गलत उपयोग किया गया। हालांकि भवन का दुरुपयोग किसने और किन परिस्थितियों में किया, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले कथित सरकारी दस्तावेजों को लेकर भी जिलाधिकारी ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में संबंधित दस्तावेज पुराने और पूर्व में परित्यक्त पाए गए हैं। इन दस्तावेजों से जुड़े कार्य पहले ही पूरे हो चुके थे और इन्हें नियमानुसार निस्तारित किया जाना था। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों की स्थिति और उनके रखरखाव से जुड़े पहलुओं की भी जांच कराई जा रही है।




जिलाधिकारी मनीष कुमार ने उपजिलाधिकारी पाटी को पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी व्यक्ति या कर्मचारी की लापरवाही अथवा संलिप्तता सामने आती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या उसका गलत उपयोग करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।


जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा और सरकारी कार्यालयों की गरिमा बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है। कानूनगो चौकी से संबंधित वायरल वीडियो के हर पहलू की जांच की जा रही है। फिलहाल प्रशासन को उपजिलाधिकारी की विस्तृत जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भवन में मिली कथित अव्यवस्था के लिए कौन जिम्मेदार है और मामले में किन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

