मंगलौर में बेमौसम बारिश से किसानों पर संकट, धान की फसल को भारी नुकसान

मंगलौर में बेमौसम बारिश से किसानों पर संकट, धान की फसल को भारी नुकसान

स्थान : मंगलौर
ब्यूरो रिपोर्ट

क्षेत्र में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बेमौसम बारिश के कारण खेतों में खड़ी धान की पककर तैयार फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। महीनों की मेहनत और हजारों रुपये की लागत से तैयार की गई फसल खराब होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट गहराने लगा है।

लगातार बारिश के चलते कई खेतों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। बारिश और तेज हवाओं के कारण धान की फसल खेतों में गिर गई है, जिससे उसकी गुणवत्ता और पैदावार प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि जिस फसल से उन्हें अच्छी आमदनी की उम्मीद थी, उसी पर मौसम की मार पड़ने से उनकी चिंताएं बढ़ गई हैं।

किसानों के अनुसार धान की फसल तैयार होने के बाद अब कटाई का समय चल रहा था, लेकिन अचानक हुई बारिश ने उनकी सारी तैयारियों पर पानी फेर दिया है। खेतों में पानी भरने और अत्यधिक नमी के कारण फसल की कटाई और मड़ाई का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। ऐसे में किसानों को फसल के खराब होने के साथ अतिरिक्त खर्च उठाने की भी चिंता सता रही है।

बारिश का असर केवल धान की फसल तक सीमित नहीं है, बल्कि आगामी फसली सीजन की तैयारियां भी प्रभावित हो रही हैं। क्षेत्र के किसान इन दिनों सरसों और बरसीम की बुवाई की तैयारी में जुटे हुए थे, लेकिन खेतों में अत्यधिक नमी और जलभराव के कारण बुवाई का कार्य बाधित हो गया है। इससे किसानों को अगली फसल की पैदावार प्रभावित होने की भी आशंका है।

किसानों का कहना है कि खेती पहले ही लगातार बढ़ती लागत और मौसम की अनिश्चितता के कारण घाटे का सौदा बनती जा रही है। बीज, खाद, कीटनाशक और मजदूरी पर बड़ी रकम खर्च करने के बावजूद प्राकृतिक आपदाओं के कारण उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में तैयार फसल को नुकसान पहुंचने से उनकी आर्थिक स्थिति और कमजोर होने का खतरा पैदा हो गया है।

प्रभावित किसानों ने बताया कि धान की फसल से होने वाली आमदनी के सहारे ही वे अगली फसल की बुवाई और परिवार की अन्य जरूरतों को पूरा करने की योजना बना रहे थे। लेकिन लगातार बारिश के कारण अब उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द मौसम साफ नहीं हुआ तो फसल को और अधिक नुकसान पहुंचने की आशंका है।

वहीं किसानों ने सरकारी स्तर पर राहत नहीं मिलने को लेकर भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि प्राकृतिक आपदा के कारण फसलों को हुए नुकसान के बावजूद अभी तक उन्हें किसी प्रकार की सहायता नहीं मिली है। किसानों ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में कृषि विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम भेजकर फसल नुकसान का निष्पक्ष सर्वे कराया जाए।

किसानों ने मांग की है कि बारिश से प्रभावित फसलों का शीघ्र आकलन कर उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक संकट से कुछ राहत मिल सके। साथ ही आगामी फसलों की बुवाई के लिए भी आवश्यक सहायता प्रदान की जाए। फिलहाल मंगलौर क्षेत्र के किसान मौसम साफ होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन लगातार बारिश ने उनकी मेहनत और भविष्य की योजनाओं पर संकट खड़ा कर दिया है।