
स्थान : द्वाराहाट
ब्यूरो रिपोर्ट

द्वाराहाट विधानसभा क्षेत्र के नगर एवं ग्रामीण इलाकों में सुहागिन महिलाओं ने करवा चौथ का पर्व बड़े हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया। महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना करते हुए पूरे दिन व्रत रखा। इस दौरान नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक करवा चौथ को लेकर उत्साह देखने को मिला।

द्वाराहाट के शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों में भी करवा चौथ पर्व की रौनक दिखाई दी। सुहागिन महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा और सोलह शृंगार के साथ पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए भगवान से प्रार्थना की।




विशेष बात यह रही कि द्वाराहाट के ग्रामीण क्षेत्रों में भी करवा चौथ का पर्व अब तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। स्थानीय स्तर पर पहले ग्रामीण अंचलों में इस पर्व का प्रचलन काफी कम देखने को मिलता था, लेकिन बदलते समय के साथ अब बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं भी इस परंपरा को अपना रही हैं।


द्वाराहाट विधानसभा क्षेत्र के बसभीड़ा गांव में भी करवा चौथ का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। यहां सुहागिन महिलाओं ने दिनभर व्रत रखकर शाम को चंद्रमा के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपने पति की लंबी आयु और परिवार की खुशहाली की कामना की।

चंद्रमा के दर्शन के बाद महिलाओं ने परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार अपने पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत खोला। इस दौरान परिवारों में खुशी और उत्साह का माहौल रहा। महिलाओं ने करवा चौथ की परंपरा निभाते हुए पति-पत्नी के बीच प्रेम और विश्वास का संदेश दिया।
करवा चौथ का पर्व भारतीय संस्कृति में वैवाहिक जीवन के प्रेम, समर्पण और अटूट विश्वास का प्रतीक माना जाता है। मान्यता के अनुसार सुहागिन महिलाएं इस दिन अपने पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए व्रत रखती हैं। द्वाराहाट में भी महिलाओं ने इसी आस्था और विश्वास के साथ पर्व मनाया।




ग्रामीण क्षेत्रों में करवा चौथ के बढ़ते प्रचलन से सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं में आ रहे बदलाव की झलक भी देखने को मिल रही है। पहले जहां यह पर्व मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों में अधिक मनाया जाता था, वहीं अब गांवों में भी महिलाएं उत्साहपूर्वक इसमें भागीदारी कर रही हैं।

वहीं, द्वाराहाट विधानसभा क्षेत्र के बसभीड़ा सहित नगर और ग्रामीण इलाकों में करवा चौथ का पर्व पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। महिलाओं ने चंद्रमा के दर्शन और पूजन के बाद पति के हाथों जल पीकर व्रत खोला। इस अवसर पर पारिवारिक सुख-शांति, प्रेम और आपसी विश्वास की भावना देखने को मिली।

