
स्थान : डोईवाला (देहरादून)
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड में बढ़ते भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को डोईवाला में विशाल न्याय यात्रा निकाली। इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के मुद्दों पर जमकर निशाना साधा।

न्याय यात्रा के दौरान डोईवाला की सड़कों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ देखने को मिली। कार्यकर्ता हाथों में कांग्रेस के झंडे और अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग वाली तख्तियां लेकर सड़कों पर उतरे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यात्रा में डोईवाला ब्लॉक प्रमुख गौरव सिंह, जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल, अश्वनी बहुगुणा, हेमा पुरोहित और सुरवीर सिंह सजवाण सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और स्थानीय कार्यकर्ता मौजूद रहे।





कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने न्याय यात्रा के दौरान भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है और बेरोजगारी के कारण युवा परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में सरकार कथित वीआईपी को बचाने का प्रयास कर रही है। गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस इस मामले में न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर लगातार संघर्ष कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक पार्टी की लड़ाई जारी रहेगी।


पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने न्याय यात्रा में महिलाओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि डोईवाला में बड़ी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि प्रदेश की महिलाएं अपने अधिकारों और बेटियों की सुरक्षा को लेकर जागरूक हैं। रावत ने कहा कि अंकिता भंडारी केवल एक परिवार की बेटी नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की बेटी थी। उन्होंने लोगों से न्याय की मांग को लेकर एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जानी चाहिए।


वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने प्रदेश में बेरोजगारी और पलायन के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण युवाओं के सामने रोजगार का संकट बना हुआ है। भर्ती परीक्षाओं में सामने आए घोटालों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से युवाओं के भविष्य और सरकारी भर्ती व्यवस्था के प्रति उनके विश्वास को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की न्याय यात्रा युवाओं के अधिकारों, रोजगार के अवसरों और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का अभियान है।
न्याय यात्रा में शामिल महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सरकार से सवाल किए। महिला कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मामले में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठे सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। उन्होंने मांग की कि इस मामले से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए और यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए। महिलाओं ने कहा कि प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और इस मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।




कांग्रेस नेताओं ने कहा कि न्याय यात्रा का उद्देश्य जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना और सरकार से जवाबदेही की मांग करना है। यात्रा के दौरान भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं, महिला सुरक्षा और पलायन जैसे मुद्दों को उठाया गया। पार्टी पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं से जनहित के मुद्दों पर लगातार सक्रिय रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता की समस्याओं को लेकर अपना विरोध और लोकतांत्रिक आंदोलन जारी रखेगी।

डोईवाला में आयोजित न्याय यात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एकजुटता प्रदर्शित करते हुए आगे भी जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी और महिलाओं की भागीदारी से कार्यक्रम में उत्साह देखने को मिला। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने, युवाओं के रोजगार और भ्रष्टाचार के मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग आगे भी उठाई जाएगी। हालांकि, हत्याकांड में कथित वीआईपी को बचाने और सरकार पर लगाए गए अन्य आरोप कांग्रेस नेताओं के दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

