जसपुर में पूर्व विधायक और किसान नेता के बीच विवाद ने पकड़ा तूल, सार्वजनिक माफी नहीं मांगने पर आंदोलन की चेतावनी

जसपुर में पूर्व विधायक और किसान नेता के बीच विवाद ने पकड़ा तूल, सार्वजनिक माफी नहीं मांगने पर आंदोलन की चेतावनी

स्थान : जसपुर
ब्यूरो रिपोर्ट

जनपद ऊधम सिंह नगर के जसपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल और भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी के बीच हुआ विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। किसानों ने पूर्व विधायक पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने और किसानों का अपमान करने का आरोप लगाते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि पूर्व विधायक माफी नहीं मांगते हैं तो प्रदेश सरकार को भी किसानों की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है।

जानकारी के अनुसार, बीते शुक्रवार को धान से जुड़े एक मुद्दे को लेकर जसपुर स्थित वरिष्ठ विपणन अधिकारी कार्यालय में बैठक चल रही थी। बैठक में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता, यूनियन के अन्य पदाधिकारी, क्षेत्रीय किसान, जसपुर मिलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि और कार्यालय के कर्मचारी मौजूद थे। इसी दौरान भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल अपने समर्थकों के साथ कार्यालय पहुंचे।

बताया जा रहा है कि कार्यालय में पहले से मौजूद भारतीय किसान यूनियन के जसपुर ब्लॉक अध्यक्ष अमनप्रीत सिंह और पूर्व विधायक डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और तीखी नोकझोंक होने लगी। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

किसानों का आरोप है कि वायरल वीडियो में पूर्व विधायक द्वारा किसानों के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। किसानों ने आरोप लगाया कि उन्हें चोर कहकर संबोधित किया गया और उनके प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस घटना के बाद क्षेत्रीय किसान संगठनों में नाराजगी देखने को मिल रही है।

घटना के विरोध में आक्रोशित किसानों ने जसपुर अनाज मंडी समिति परिसर में प्रेस वार्ता आयोजित की। इस दौरान किसानों ने पूर्व विधायक के कथित व्यवहार की कड़ी निंदा करते हुए इसे किसान समाज के सम्मान से जुड़ा मामला बताया। प्रेस वार्ता में बैलजोड़ी क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य चरनजीत सिंह चन्नी भी पहुंचे और किसानों की मांगों का समर्थन किया।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि किसान देश का अन्नदाता है और उसके प्रति इस प्रकार की भाषा का प्रयोग करना किसी भी जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक द्वारा की गई कथित टिप्पणी से किसानों की भावनाएं आहत हुई हैं। किसान नेताओं ने मांग की कि डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल सार्वजनिक रूप से अपने बयान के लिए माफी मांगें।

किसानों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व को पूर्व विधायक के कथित व्यवहार का संज्ञान लेते हुए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी चाहिए। किसानों ने पूर्व विधायक को भारतीय जनता पार्टी से निष्कासित करने की मांग भी उठाई और कहा कि किसान समाज के सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

प्रेस वार्ता के दौरान किसान नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पूर्व विधायक सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते और उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है, तो किसानों का आक्रोश और बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में प्रदेश सरकार को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। फिलहाल इस विवाद को लेकर किसान संगठन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। वहीं, पूर्व विधायक की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी है।