
स्थान:चमोली/भराड़ीसैंण
रिपोर्टर : विनोद पांडे

उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित भराड़ीसैंण में 27 अक्टूबर 2026 से आयोजित होने वाले विधानसभा सत्र को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा की तैयारियां पूरी कर ली हैं। सत्र के शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित संचालन के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। विधानसभा परिसर सहित आसपास के महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था डॉ. निलेश आनंद भरणे और पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप ने ड्यूटी में नियुक्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ब्रीफिंग लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

ब्रीफिंग के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने विधानसभा सत्र की सुरक्षा को अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बताते हुए सभी पुलिसकर्मियों को पूरी सतर्कता और अनुशासन के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि पूर्व के विधानसभा सत्रों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए। प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी अपने निर्धारित दायित्वों की पूरी जानकारी रखे तथा ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरते।




विधानसभा परिसर के प्रवेश द्वारों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। यहां तैनात पुलिसकर्मियों को परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति और वाहन की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सघन जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। केवल अधिकृत व्यक्तियों और वैध पासधारकों को ही नियमानुसार प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। इसके साथ ही सुरक्षा घेरे में किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।


विधानसभा सत्र के दौरान संभावित धरना-प्रदर्शन, जुलूस और अन्य गतिविधियों को देखते हुए बैरियरों पर भी पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में पुलिसकर्मी संयम और सतर्कता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएं। कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही आमजन के प्रति शालीन व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल संबंधित प्रभारी अधिकारी को देने के निर्देश भी दिए गए।


पुलिस अधिकारियों ने सभी ड्यूटी कर्मियों को निर्धारित समय पर अपने तैनाती स्थल पर पहुंचने और सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने को कहा। विशेष रूप से विधानसभा सत्र में शामिल होने वाले विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि सभी सुरक्षा इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए, ताकि किसी भी स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार, अपर पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार और अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने भी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने विधानसभा सत्र के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनुशासन, आपसी तालमेल और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने पर जोर दिया। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए।



विधानसभा सत्र की सुरक्षा के लिए विभिन्न पदों पर बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इनमें 6 अपर पुलिस अधीक्षक, 20 पुलिस उपाधीक्षक, 54 प्रभारी निरीक्षक एवं थाना प्रभारी, 43 उपनिरीक्षक, 35 महिला उपनिरीक्षक और 52 अपर उपनिरीक्षक शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 460 मुख्य आरक्षी एवं आरक्षी, 67 महिला आरक्षी, 26 यातायात पुलिसकर्मी, 153 सशस्त्र पुलिसकर्मी और 120 होमगार्ड भी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहेंगे।


इनके अलावा पीएसी, एटीएस, एसडीआरएफ, बम निरोधक दस्ते और हॉक टीम के कार्मिक भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा होंगे। उपलब्ध पदवार विवरण के अनुसार 1,036 पुलिस एवं होमगार्ड कर्मियों की तैनाती निर्धारित की गई है। विशेष इकाइयों के अतिरिक्त कार्मिक भी सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियां निभाएंगे। विधानसभा परिसर के प्रवेश द्वारों, बैरियरों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए संबंधित इकाइयों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है।

वहीं, पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं परिक्षेत्र निवेदिता कुकरेती, पुलिस अधीक्षक चम्पावत रेखा यादव, पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी कमलेश उपाध्याय, 46वीं वाहिनी पीएसी ऊधम सिंह नगर के सेनानायक पंकज भट्ट और पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ प्रह्लाद कोंडे ने भी वर्चुअल माध्यम से ब्रीफिंग में भाग लिया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा, सतर्कता और कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। चमोली पुलिस ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सत्र का शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

