
स्थान : खटीमा
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के खटीमा क्षेत्र में आंखों की रोशनी खो चुकी मासूम छात्रा वैष्णवी कुमारी के जीवन में एक बार फिर उम्मीद की नई किरण जगी है। चकरपुर के ग्राम पचौरिया निवासी वैष्णवी पिछले करीब एक वर्ष से आंखों की गंभीर बीमारी के कारण अपनी दृष्टि खो चुकी है। परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते उसका समुचित उपचार नहीं हो पा रहा था। इस कारण उसे अपनी पढ़ाई भी बीच में छोड़नी पड़ी। अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले का संज्ञान लेते हुए उचित इलाज और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, वैष्णवी कुमारी की आंखों की रोशनी करीब एक वर्ष पहले चली गई थी। इसके बाद से परिवार लगातार बेटी के उपचार को लेकर परेशान था। आर्थिक तंगी के कारण परिवार बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में असमर्थ था। आंखों से दिखाई न देने के कारण वैष्णवी को विद्यालय जाना भी बंद करना पड़ा, जिससे उसकी शिक्षा और भविष्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं।



वैष्णवी की परेशानी और परिवार की आर्थिक स्थिति का मामला जब मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संज्ञान में पहुंचा, तो उन्होंने इसे गंभीरता से लिया। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्रा के उपचार के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही परिवार को हरसंभव आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएं।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक डॉ. नवीन भट्ट वैष्णवी के घर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर बच्ची की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने वैष्णवी की मेडिकल रिपोर्ट भी देखीं और परिवार से अब तक कराए गए उपचार के संबंध में बातचीत की।



डॉ. नवीन भट्ट ने परिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि वैष्णवी के उपचार को लेकर मुख्यमंत्री गंभीर हैं और बच्ची को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने परिवार को आश्वस्त किया कि वैष्णवी के इलाज के लिए आवश्यक स्तर पर पहल की जाएगी।
मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. नवीन भट्ट ने कहा कि जैसे ही वैष्णवी की पीड़ा मुख्यमंत्री के संज्ञान में आई, उन्होंने तत्काल इस मामले पर ध्यान दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से वैष्णवी को बेहतर उपचार मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि परिवार को विश्वास है कि उचित चिकित्सा मिलने से बच्ची की आंखों की रोशनी लौटने की संभावना बन सकती है और वह दोबारा अपनी पढ़ाई शुरू कर सकेगी।



उन्होंने कहा कि जरूरतमंद और पीड़ित परिवारों की सहायता करना ही सच्ची जनसेवा है। किसी मासूम बच्ची के जीवन में उम्मीद की नई किरण जगाना और उसके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रयास करना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वैष्णवी जैसी बच्चियों को बेहतर चिकित्सा और शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए समाज और जनप्रतिनिधियों को भी संवेदनशीलता के साथ आगे आना चाहिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल के बाद वैष्णवी और उसके परिवार को अब उपचार की नई उम्मीद बंधी है। परिवार को विश्वास है कि सरकारी सहायता और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलने से वैष्णवी के स्वास्थ्य में सुधार हो सकेगा। हालांकि, आंखों की रोशनी वापस आने की संभावना चिकित्सकीय जांच और उपचार के परिणाम पर निर्भर करेगी। फिलहाल परिवार को उम्मीद है कि वैष्णवी जल्द ही अपनी पढ़ाई दोबारा शुरू कर सकेगी और अपने भविष्य के सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।

