बाजपुर चीनी मिल में कथित स्क्रैप घोटाले और वेतन कटौती के विरोध में प्रदर्शन, भाजपा सरकार का पुतला फूंका

बाजपुर चीनी मिल में कथित स्क्रैप घोटाले और वेतन कटौती के विरोध में प्रदर्शन, भाजपा सरकार का पुतला फूंका

स्थान: बाज़पुर
रिपोर्टर: विशेष शर्मा

ऊधम सिंह नगर जिले के बाजपुर में चीनी मिल से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया गया। चीनी मिल में कथित स्क्रैप घोटाले के मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने और कर्मचारियों के वेतन में कटौती किए जाने के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने भाजपा सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। नगर पालिका परिषद बाजपुर के अध्यक्ष एवं कांग्रेस प्रदेश सचिव गुरजीत सिंह गित्ते के नेतृत्व में चीनी मिल के प्रशासनिक भवन के सामने सरकार का पुतला दहन किया गया।

प्रदर्शन के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष गुरजीत सिंह गित्ते ने चीनी मिल में कथित स्क्रैप घोटाले का मुद्दा उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने इस मामले में जवाबदेही तय करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

गुरजीत सिंह गित्ते ने आरोप लगाया कि चीनी मिल में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठने के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। कथित स्क्रैप घोटाले से जुड़े तथ्यों को सामने लाने के लिए जांच प्रक्रिया को गंभीरता से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने चीनी मिल कर्मचारियों के वेतन में की गई कटौती का भी विरोध किया। उनका कहना था कि वेतन कटौती से कर्मचारियों और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। उन्होंने मांग की कि कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए वेतन कटौती के निर्णय की समीक्षा की जाए और इसे वापस लिया जाए।

नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि चीनी मिल के कर्मचारी संस्थान के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में कर्मचारियों के आर्थिक हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करना संबंधित अधिकारियों और शासन की जिम्मेदारी है।

प्रदर्शन के दौरान चीनी मिल के प्रशासनिक भवन के सामने एकत्र लोगों ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कथित स्क्रैप घोटाले और कर्मचारियों की वेतन कटौती जैसे मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।

गुरजीत सिंह गित्ते ने मांग की कि चीनी मिल में कथित स्क्रैप घोटाले की जांच कराई जाए और जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही कर्मचारियों के वेतन में की गई कटौती को वापस लेकर उन्हें राहत प्रदान की जाए।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चीनी मिल से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बनाए रखना और कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से दोनों मुद्दों पर उचित निर्णय लेने की मांग की, ताकि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान हो सके और कथित अनियमितताओं से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो।

फिलहाल कथित स्क्रैप घोटाले और वेतन कटौती को लेकर प्रदर्शनकारियों की ओर से विरोध दर्ज कराया गया है। इन आरोपों पर चीनी मिल प्रबंधन अथवा संबंधित विभाग का पक्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में अब देखना होगा कि शासन और चीनी मिल प्रशासन प्रदर्शनकारियों की मांगों पर क्या निर्णय लेते हैं और कथित स्क्रैप घोटाले की जांच को लेकर आगे क्या कार्रवाई की जाती है।