खटीमा-मेलाघाट मार्ग का निर्माण अंतिम चरण में, दर्जनों गांवों के हजारों ग्रामीणों को मिलेगी राहत

खटीमा-मेलाघाट मार्ग का निर्माण अंतिम चरण में, दर्जनों गांवों के हजारों ग्रामीणों को मिलेगी राहत

स्थान : खटीमा (ऊधम सिंह नगर)
रिपोर्टर : अशोक सरकार

जनपद ऊधम सिंह नगर के खटीमा क्षेत्र से भारत-नेपाल सीमा तक जाने वाले महत्वपूर्ण खटीमा-मेलाघाट मार्ग की तस्वीर अब बदलने लगी है। लंबे समय से बदहाल इस सड़क के डामरीकरण और चौड़ीकरण का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। सड़क निर्माण पूरा होने के बाद राजीवनगर, झनकैया, मेलाघाट और बगुलिया सहित दर्जनों गांवों के हजारों ग्रामीणों को आवागमन में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

खटीमा चौराहे से भारत-नेपाल सीमा स्थित मेलाघाट तक जाने वाला यह मार्ग सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन है। लंबे समय से सड़क की जर्जर हालत के कारण स्थानीय लोगों, किसानों, व्यापारियों और राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। सड़क पर गड्ढों और खराब स्थिति के कारण लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतें होती थीं।

क्षेत्रवासियों की लंबे समय से सड़क के पुनर्निर्माण और चौड़ीकरण की मांग चली आ रही थी। अब इस महत्वपूर्ण मार्ग पर डामरीकरण और चौड़ीकरण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। सड़क के बेहतर और चौड़ा होने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित और सुगम यातायात की सुविधा मिलने के साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों की कनेक्टिविटी भी मजबूत होने की उम्मीद है।

जिला पंचायत अध्यक्ष ऊधम सिंह नगर अजय मौर्या ने सड़क निर्माण कार्य को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का समस्त क्षेत्रवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से वर्षों से बदहाल खटीमा-मेलाघाट मार्ग का कायाकल्प हो रहा है। सड़क के निर्माण से क्षेत्र की जनता को बड़ी सुविधा मिलेगी और लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान होगा।

अजय मौर्या ने कहा कि खटीमा-मेलाघाट मार्ग की हालत लंबे समय से बेहद खराब थी। ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों, बच्चों को विद्यालय आने-जाने और किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब सड़क के डामरीकरण के साथ चौड़ीकरण होने से इन समस्याओं में काफी हद तक कमी आने की उम्मीद है।

जिला पंचायत अध्यक्ष ने सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयबद्ध प्रगति की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल सीमा से जुड़े इस महत्वपूर्ण मार्ग का बेहतर होना क्षेत्र के विकास की दृष्टि से बेहद आवश्यक है। सड़क निर्माण से न केवल स्थानीय लोगों का आवागमन सुगम होगा, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलने की संभावना है।

वहीं, सड़क निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लेने के लिए अधिशासी अभियंता नीरज अग्रवाल, अपर सहायक अभियंता प्रकाश सिंह और प्रेम प्रकाश तिवारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने निर्माणाधीन मार्ग का निरीक्षण किया और कार्य की स्थिति का जायजा लिया। सड़क निर्माण को निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

फिलहाल खटीमा-मेलाघाट मार्ग का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। लंबे इंतजार के बाद सड़क की बदलती तस्वीर से क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सीमावर्ती गांवों के हजारों लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी। यह मार्ग खटीमा और भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के बीच संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।