सितारगंज सिडकुल में पारले-जी कंपनी के खिलाफ कर्मचारियों का प्रदर्शन, आठ वर्षों से बोनस नहीं मिलने का आरोप

सितारगंज सिडकुल में पारले-जी कंपनी के खिलाफ कर्मचारियों का प्रदर्शन, आठ वर्षों से बोनस नहीं मिलने का आरोप

स्थान: सितारगंज
ब्यूरो रिपोर्ट

ऊधम सिंह नगर जिले के सितारगंज सिडकुल स्थित पारले-जी कंपनी के कर्मचारियों ने पिछले आठ वर्षों से बोनस नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई है। दीपावली पर्व के अवसर पर बोनस नहीं मिलने से आक्रोशित कर्मचारी बड़ी संख्या में भीम आर्मी नेता सत्येंद्र कुमार के कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी समस्याएं बताते हुए धरना-प्रदर्शन किया और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का आरोप है कि वे पिछले 15 से 18 वर्षों से पारले-जी कंपनी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन बीते आठ वर्षों से उन्हें बोनस का भुगतान नहीं किया गया है। कर्मचारियों ने बताया कि पहले कंपनी की ओर से प्रत्येक वर्ष दीपावली के अवसर पर बोनस दिया जाता था, लेकिन पिछले आठ वर्षों से यह व्यवस्था बंद कर दी गई है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

कर्मचारियों ने भीम आर्मी नेता सत्येंद्र कुमार से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया और उन्हें लिखित शिकायती पत्र सौंपा। कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से कंपनी में काम करने के बावजूद उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने बोनस दिलाने के लिए मामले में हस्तक्षेप करने और उनकी आवाज संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन पर उत्पीड़न का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि जब भी वे बोनस या अपने अधिकारों को लेकर आवाज उठाते हैं, तो कथित तौर पर फैक्ट्री से निकालने की धमकी दी जाती है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि नौकरी जाने के डर से वे लंबे समय तक अपनी समस्याओं को खुलकर सामने नहीं रख पाए।

कर्मचारियों ने अपनी आर्थिक और पारिवारिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि अधिकांश कर्मचारियों की उम्र 40 वर्ष से अधिक हो चुकी है। ऐसे में उनके लिए दूसरी कंपनी में रोजगार प्राप्त करना आसान नहीं है। वर्षों से एक ही फैक्ट्री में काम करने के कारण उनका परिवार इसी नौकरी पर निर्भर है। नौकरी छूटने की स्थिति में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो सकता है।

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कहा कि उनके ऊपर परिवार की जिम्मेदारियां हैं। बच्चों की पढ़ाई, घरेलू खर्च और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दीपावली जैसे महत्वपूर्ण त्योहार पर भी बोनस नहीं देकर कंपनी प्रबंधन उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रहा है।

कर्मचारियों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से बोनस की मांग करने पर फैक्ट्री अधिकारियों की ओर से भविष्य में भुगतान करने का आश्वासन दिया जाता रहा है। हर बार कर्मचारी बोनस मिलने की उम्मीद करते हैं, लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं होती। कर्मचारियों ने कहा कि अब वे केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं होंगे और अपने अधिकारों को लेकर आवाज उठाते रहेंगे।

भीम आर्मी नेता सत्येंद्र कुमार के कार्यालय के बाहर एकत्र हुए कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्होंने कंपनी को अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष दिए हैं। ऐसे में उनकी मेहनत और लंबे सेवाकाल को देखते हुए बोनस से संबंधित मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि इस बार वे दीपावली बोनस की मांग को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कंपनी प्रबंधन से बोनस भुगतान के मामले में जल्द निर्णय लेने की मांग की है। फिलहाल कर्मचारियों के आरोपों पर कंपनी प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में अब देखना होगा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर कंपनी प्रबंधन क्या रुख अपनाता है और बोनस भुगतान का मामला किस तरह सुलझता है।