रुड़की में अवैध अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग सख्त, एसीएमओ ने दी कार्रवाई की चेतावनी

रुड़की में अवैध अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग सख्त, एसीएमओ ने दी कार्रवाई की चेतावनी

स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट

हरिद्वार जिले के रुड़की में अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। हरिद्वार स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ) डॉ. अनिल कुमार वर्मा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना निर्धारित मानकों और योग्य चिकित्सकों के अस्पताल संचालित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

रुड़की के दिल्ली रोड स्थित गोदावरी होटल के पास नवनिर्मित डॉ. भक्ति मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल का उद्घाटन एसीएमओ डॉ. अनिल कुमार वर्मा ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

अस्पताल के शुभारंभ के दौरान एसीएमओ डॉ. वर्मा ने रुड़की क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रहे निजी अस्पतालों को लेकर स्वास्थ्य विभाग का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि अस्पतालों का संचालन निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप होना अनिवार्य है। बिना आवश्यक सुविधाओं और योग्य चिकित्सकों के उपचार करना मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

डॉ. वर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं सीधे तौर पर लोगों के जीवन से जुड़ी होती हैं। ऐसे में अस्पताल संचालकों की जिम्मेदारी है कि वे मरीजों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराएं। उन्होंने चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं को केवल कमाई का जरिया बनाकर मरीजों की जान जोखिम में डालने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

एसीएमओ ने बताया कि जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग नियमों का उल्लंघन करने वाले निजी अस्पतालों के खिलाफ अभियान चला रहा है। इस अभियान के तहत अस्पतालों में निर्धारित मानकों के पालन, चिकित्सकों की योग्यता और उपचार संबंधी व्यवस्थाओं की जांच की जा रही है। अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने निजी अस्पताल संचालकों से अपील की कि वे अपने संस्थानों में आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करें। अस्पतालों में उपचार करने वाले चिकित्सकों के पास संबंधित चिकित्सा पद्धति की मान्य योग्यता होना आवश्यक है। किसी भी चिकित्सक को अपनी मान्यता प्राप्त चिकित्सा पद्धति के दायरे में ही उपचार करना चाहिए।

डॉ. वर्मा ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य मरीजों को सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए निजी अस्पतालों की जवाबदेही तय करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों को किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी और शिकायत मिलने पर भी नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग की इस चेतावनी के बाद रुड़की क्षेत्र में निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाले निजी अस्पताल संचालकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। विभाग ने सभी अस्पताल प्रबंधकों को नियमों का पालन करने और मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का संदेश दिया है। एसीएमओ ने दोहराया कि लोगों के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।