
स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट

दिल्ली के जंतर-मंतर पर महिला पुलिसकर्मी और महिला पत्रकार के साथ कथित अभद्र व्यवहार के विरोध में रुड़की में हिंदू सेना संगठन ने प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के पुतलों का दहन कर अपना आक्रोश जताया। इस दौरान महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और गरिमा का मुद्दा उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई।

हिंदू सेना संगठन की ओर से आयोजित प्रदर्शन में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई कथित घटना को लेकर नाराजगी व्यक्त की गई। संगठन ने महिला पुलिसकर्मी सीमा और महिला पत्रकार ऋचा पाराशर के साथ कथित अभद्र व्यवहार का विरोध करते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।




प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि महिला पुलिसकर्मियों और महिला पत्रकारों सहित देश की प्रत्येक महिला के सम्मान एवं गरिमा की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार के कथित दुर्व्यवहार के मामले में निष्पक्ष जांच आवश्यक है।


संगठन ने संबंधित मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई करने की मांग उठाई। पदाधिकारियों का कहना था कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है और इस दिशा में शासन-प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने चाहिए।


हिंदू सेना संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और गरिमा से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाना जरूरी है। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों और पत्रकारों की सुरक्षा को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में कार्य करने वाली महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिलना चाहिए।

प्रदर्शन में हिंदू सेना संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनुज कुमार बजरंगी, उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष पंकज पाल और युवा जिला अध्यक्ष शक्ति ठाकुर सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को प्रमुखता से उठाया।




संगठन ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और न्याय से जुड़े मुद्दों पर वह लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा। साथ ही शासन-प्रशासन से अपील की कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा को सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
हिंदू सेना के इस प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर हुई कथित घटना को लेकर निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग प्रमुखता से सामने आई। हालांकि, घटना से जुड़े आरोपों की पुष्टि और जिम्मेदारी तय करना जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगा।

