
स्थान : बनबसा (चंपावत)
ब्यूरो रिपोर्ट

जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एनएचपीसी ने कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत महत्वपूर्ण पहल की है। इस पहल के अंतर्गत वन विभाग को तीन बहुउद्देशीय वाहन उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि उप जिला चिकित्सालय टनकपुर को मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए फैको मशीन दी गई है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वन विभाग को दिए गए तीनों बहुउद्देशीय वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों के मिलने से वन विभाग की विभिन्न गतिविधियों को संचालित करने और क्षेत्र में विभागीय कार्यों को गति देने में मदद मिलने की उम्मीद है।




वन विभाग को उपलब्ध कराए गए वाहनों का उद्देश्य वन संरक्षण और पर्यावरण से जुड़े कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना है। इन वाहनों के माध्यम से विभागीय गतिविधियों के संचालन में सुविधा मिलेगी और जरूरत के अनुसार विभिन्न कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में सहायता मिल सकेगी।


वहीं, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एनएचपीसी ने उप जिला चिकित्सालय टनकपुर को मोतियाबिंद के ऑपरेशन में उपयोग होने वाली फैको मशीन उपलब्ध कराई है। इस उपकरण के मिलने से अस्पताल में नेत्र चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।



फैको मशीन की उपलब्धता से मोतियाबिंद के मरीजों को उपचार संबंधी सुविधाएं प्रदान करने में सहायता मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर बेहतर नेत्र चिकित्सा सेवाएं विकसित करने की दिशा में भी कदम आगे बढ़ेगा।
एनएचपीसी की इस पहल को स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों से जोड़कर देखा जा रहा है। एक ओर वन विभाग को संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी अस्पताल में चिकित्सा उपकरण देकर मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में सहयोग किया गया है।




कार्यक्रम में प्रशासन, वन विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान एनएचपीसी की सीएसआर पहल के तहत उपलब्ध कराए गए वाहनों और चिकित्सा उपकरणों को क्षेत्रीय जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया गया।

कुल मिलाकर, एनएचपीसी की इस पहल से चम्पावत जिले में वन विभाग के कार्यों को मजबूती मिलने के साथ ही टनकपुर के उप जिला चिकित्सालय में नेत्र चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं।

